महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस पर की गई विवादास्पद टिप्पणी के बाद राज्यसभा द्वारा एक स्वर में पारित निंदा प्रस्ताव से बेफ्रिक सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने बुधवार को फिर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ‘मात्र निंदा’ पर्याप्त नहीं है, उन्हें तो सुनवाई के बगैर सूली पर चढ़ा दिया जाना चाहिए।
काटजू ने कहा, ‘एक शानदार खबर है। राज्यसभा ने मेरे खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। मैंने जो कुछ भी कहा है उसके लिए मात्र निंदा पर्याप्त नहीं है।’ एक नए ब्लॉग में काटजू ने लिखा है कि ‘मेरा राज्यसभा के माननीय सदस्यों (जाहिर है, उनके पास विचारों की कमी है) को एक विनम्र सुझाव है।
मेरे भारत लौटते ही उन्हें एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए। मुझे गिरफ्तार कर सूली पर टांग देना चाहिए। बिना किसी सुनवाई है। न रहे बांस... न बजे बांसुरी।’
काटजू के अनुसार, ‘कुछ लोग चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज होने के नाते मुझे मिल रही सुविधाएं और भत्ते वापस ले लेने चाहिए। लेकिन इसके लिए भी उन्हें नियमों में संशोधन करना होगा। क्योंकि इस सब के बावजूद मैं सुप्रीम कोर्ट का रिटायर जज हूं।’