देश पर सबसे बड़ा आतंकी हमला करने वाले अजमल कसाब को बुधवार सुबह फांसी पर लटका दिया गया, लेकिन अभी उसके उस्ताद अबू जुंदाल को सजा दिलाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई बाकी है। कसाब और उसके दूसरे साथियों को जुंदाल ने हिंदी और मराठी सिखाई थी। इतना ही नहीं जेहाद का पाठ पढ़ाने के लिए वह भटकल बंधुओं के कहने पर एक दावत में गया था। वहां उसने प्रशिक्षु आतंकियों को भारत में जेहाद छेड़ने के लिए प्रेरित किया था। उसके चेलों ने मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को आतंकी वारदात को अंजाम दिया था।
हमले के वक्त कंट्रोल रूम में था
मुंबई हमले के समय जुंदाल कंट्रोल रूम से हमलावरों को निर्देश दे रहा था। कंट्रोल रूम में जुंदाल के साथ जकी उर रहमान लख्वी, अबू अलकामा, अबू कहाफा, खालिद उर्फ वशी, जरार और शाहिद उर्फ नदीम मौजूद थे। इस दौरान जुंदाल ने हमलावर अबू अकाशा और फहादुल्लाह से बात की थी।
कैंप में दी थी ट्रेनिंग
पूछताछ के दौरान जुंदाल ने पुलिस को बताया कि उसने बेतुल मुजफ्फराबाद स्थित कैंप में हमले के लिए तैयार अबू अकाशा, अबू उमर, इस्माइल, अजमल कसाब, अबुल रहमान बेग, अबू फहादुल्लाह, अबुल रहमान बेग छोटा, मुसाब, उमर और अली को 10 दिनों तक हिंदी और मुंबइया भाषा की ट्रेनिंग दी थी।
अपराध की फेहरिस्त
पुलिस ने चार्जशीट में जुंदाल पर मुंबई हमले के अलावा अहमदाबाद ट्रेन ब्लास्ट, जर्मन बेकरी, औरंगाबाद आर्म्स केस, जामा मसजिद केस, चिन्नास्वामी स्टेडियम ब्लास्ट केस सहित कई आतंकी हमलों की साजिश रचने और युवाओं को जेहाद के लिए भड़काने का आरोप लगाया है। दिल्ली के मीर विहार इलाके में मिली हथियार फैक्ट्री में जुंदाल का हाथ बताया जा रहा है।