मुंबई हमले के दोषी आतंकी अजमल कसाब को मंगलवार रात में फांसी दिए जाने की सूचना दी गई थी। उसके बाद से ही वह शांत रहा। बुधवार सुबह उसने नमाज अदा की और फिर जेलर से टमाटर खाने की इच्छा जताई थी। इस पर जेल के अधिकारियों ने उसे एक टोकरी टमाटर दिया।
इसके बाद सुबह सात बजकर 36 मिनट पर उसे फांसी दे दी गई। फांसी से पूर्व उसने जेलर से कहा था कि अल्लाह कसम ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। अल्लाह मुझे माफ कर दे। फांसी के समय उसे सफेद पोशाक पहनाया गया था।
अफजल गुरु के लिए लाई गई रस्सी से फांसी
कसाब को जिस रस्सी से फांसी दी गई, वह संसद हमले के अभियुक्त अफजल गुरु के लिए इस्तेमाल के लिए लाई गई थी। उस रस्सी को बिहार के बक्सर सेंट्रल जेल के कैदियों ने बनाई थी।
एक अंग्रेजी दैनिक के अनुसार कैदियों द्वारा बनाई गई रस्सी से अफजल गुरु को फांसी दी जानी थी, लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। इससे सबसे पहले फांसी कसाब को दी गई।
इस रस्सी को अधिकारिक रुप से कसाब के लिए नहीं मांगा गया था। लेकिन यह रस्सी बक्सर जेल से पांच साल पहले अफजल गुरु की फांसी के लिए लाई गई थी।
गौरतलब है कि संसद हमले का मुख्य अभियुक्त अफजल गुरु इस समय जेल में है। उसने भी अपनी मौत की सजा माफ करने के लिए राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेज रखी है।