कर्नाटक चुनाव में मिली करारी हार की अहम वजह भाजपा अपने बागी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को मान रही है लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ऐसा नहीं मानते हैं।
उनका कहना है कि येदियुरप्पा की पार्टी से रवानगी में हुई देरी हार की वजह बनी। दक्षिणी राज्य में पार्टी के हार पर चुप्पी तोड़ते हुए भाजपा नेता ने कहा कि कर्नाटक के नतीजों से उन्हें कोई आश्चर्य नहीं हुआ बल्कि पार्टी जीतती तो जरूर अचंभा होता।
साथ ही उन्होंने कहा कि ये नतीजे भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए सबक हैं। नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोपों से जनता में आक्रोश है और भ्रष्ट नेताओं को पसंद नहीं कर रहे हैं।
अपने नियमित ब्लॉग में आडवाणी के इस रुख को येदियुरप्पा की वापसी की संभावनाओं पर पूर्ण विराम के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
येदियुरप्पा भाजपा से अपनी विदाई के लिए आडवाणी को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता ने अपने ब्लॉग में येदियुरप्पा को भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के तत्काल बाद पार्टी से न निकालने को बड़ी चूक माना है।
उन्होंने लिखा है कि पार्टी ने येदियुरप्पा को निकाला नहीं बल्कि उन्होंने अलग होकर अपनी पार्टी बनाई। अगर पार्टी भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के तुरंत बाद फैसला लेती तो राज्य का चुनाव परिणाम कुछ और होता।
उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ बन रहे देश व्यापी माहौल का जिक्र करते हुए चुनाव परिणाम को उम्मीदों के अनुरूप बताया है।
उन्होंने लिखा है कि उन्हें हार का दुख तो है पर आश्चर्य नहीं। आश्चर्य तब होता जब वहां पार्टी जीत जाती। माना जा रहा है कि आडवाणी ने अपने इस ब्लॉग के जरिए येदियुरप्पा की वापसी की संभावनाओं पर विराम लगाने की कोशिश की है।
उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा के खिलाफ कार्रवाई कराने में आडवाणी ने ही मुखर भूमिका निभाई थी। कर्नाटक चुनाव परिणाम के बाद पार्टी का एक धड़ा येदियुरप्पा की घर वापसी चाहता है, ऐसे में आडवाणी ने अपने ब्लॉक के माध्यम से इस खेमे को भी परोक्ष चेतावनी दी है।