प्रख्यात कन्नड़ विद्वान और हम्पी यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति एमएम कालबुर्गी की हत्या से उपजे असंतोष को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने सीबीआई जांच का निर्णय लिया है।
जब तक केंद्रीय एजेंसी मामले को अपने हाथ में नहीं ले लेती, तब तक सीआईडी जांच करेगी। दूसरी ओर धारवाड़ में सोमवार को कालबुर्गी के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का रेला उमड़ पड़ा। सैकड़ों नम आंखों के बीच उन्हें लिंगायत समुदाय के रिवाज के अनुसार अंतिम विदाई दी गई।
कालबुर्गी की रविवार को उनके घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अभी तक हुबली-धारवाड़ पुलिस की स्पेशल टीम मामले की जांच कर रही थी।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए केस को सीआईडी को सौंपने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह घटना नहीं होनी चाहिए थी।
यह बहुत ही निंदनीय है। इसके कुछ ही देर बाद राज्य कैबिनेट की बैठक में इस मामले को केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपने का निर्णय ले लिया गया। कानून और संसदीय मामलों के मंत्री टीबी जयचंद्र ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि सीआईडी तुरंत जांच शुरू कर देगी।
हम लोग सीबीआई को भी लिखेंगे। सीबीआई किसी भी समय जांच अपने हाथ में ले सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ शक सामने आ रहे हैं। इसलिए जांच तुरंत शुरू करनी होगी।