कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने तहलका मैगजीन या उसके संपादक तरुण तेजपाल से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया है।
बुधवार को एक बयान में उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में मेरे खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है कि तेजपाल की मां मेरी बहन है।
उन्होंने दुष्कर्म मामले में फंसे तेजपाल का बचाव किए जाने के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि आरएसएस तथा भाजपा उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर रही हैं क्योंकि हमने तथ्यों के आधार पर नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान दिया था।
सिब्बल ने कहा कि उन्हें संघ और भाजपा से इस स्तर पर उतरने की उम्मीद नहीं थी। वे राजनीतिक रूप से मेरे ऊपर हमला कर सकते हैं, किंतु मेरे परिवार को ऐसे मामलों में नहीं घसीटना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि तेजपाल की मां मेरी सगी बहन हैं। किंतु यह दुष्प्रचार है। मेरी एक ही बहन है, जो यहां दिल्ली में रहती हैं।
सिब्बल ने लोकसभा में नेता विपक्ष सुषमा स्वराज के बयान पर गहरी आपत्ति जताई, जिसमें कहा गया है कि एक कैबिनेट मंत्री, जो तहलका के संस्थापक व संरक्षक हैं, वे तरुण तेजपाल का साथी पत्रकार से दुष्कर्म के मामले में बचाव कर रहे हैं।
सिब्बल ने कहा कि जिन नेताओं को लगता है कि मैं तेजपाल का बचाव कर रहा हूं, यदि उनमें हिम्मत है तो वे मेरा नाम लेकर यह बात कहें। उन्होंने कहा कि क्या हम यह कह सकते हैं कि नेता विपक्ष रेड्डी बंधुओं का बचाव कर रही थीं।
सिब्बल ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि मेरे ऊपर आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2011 तक तहलका में 80 फीसदी मेरा शेयर था। यह गलत आरोप है। तहलका में मैने कोई पैसा नहीं लगाया है न ही कभी एक शेयर मुझे मिला है।
उन्होंने तेजपाल मामले को राजनीतिक रंग दिए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस मामले से एक लड़की की इज्जत व सम्मान जुड़ा हुआ है। इसकी गंभीरता को आरोप लगाने वाले लोग भी जानते हैं।