हिमाचल के सत्ता संग्राम में सियासी पार्टियों के साथ-साथ लोगों की निगाहें भी कांगड़ा और मंडी पर टिक गई हैं। कुल 68 में से 25 सीटों वाले ये दो जिले ही प्रदेश में सत्ता का रास्ता तय करेंगे। इसीलिए भाजपा और कांग्रेस ने कांगड़ा और मंडी फतह करने के लिए बिसात बिछा दी है। दोनों दलों ने इन्हीं जिलों की सीटों पर फोकस किया है। रणनीति के तहत दोनों पार्टियां अपने स्टार प्रचारकों को यहीं से उतार रही हैं।
सोमवार को मंडी में सोनिया गांधी की रैली के बाद भाजपा भी कांगड़ा और मंडी में लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज और नितिन गडकरी की रैलियां करने की तैयारी में है। कांग्रेस ने राहुल गांधी की रैली कांगड़ा में कराने की योजना बनाई है। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वीरभद्र सिंह और मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यक्रम भी कांगड़ा और मंडी को ध्यान में रखकर तय किए जा रहे हैं।
शिमला की कुर्सी का रास्ता मंडी और कांगड़ा से होकर ही निकलता रहा है। कांगड़ा में 15 और मंडी में 10 हलके हैं। परिसीमन के चलते इस बार कांगड़ा की एक सीट कम हो गई है। पिछले चुनाव में भाजपा ने कांगड़ा से नौ और मंडी से सात सीटें झोली में डालकर सत्ता पर कब्जा किया था। इससे पिछले चुनाव में भी सरकार बनाने में कांगड़ा और मंडी का अहम रोल रहा है। इसके मद्देनजर भाजपा और कांग्रेस दोनों प्रमुख दलों ने इन जिलों पर खास तौर पर ध्यान केंद्रित किया है।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार चुनाव की घोषणा के बाद से ही कांगड़ा में डटे हैं। मुख्यमंत्री भी दो दिन पहले ही मंडी-कांगड़ा के दौरे से लौटे हैं। 23 व 24 को फिर सीएम कांगड़ा जा रहे हैं। मंडी में भी सीएम कई सभाएं करेंगे। भाजपा ने चुनाव के लिए ट्रेंड दूसरे राज्यों के पदाधिकारियों की टीम भी कांगड़ा और मंडी में उतारी है। उधर, कांग्रेस के स्टार प्रचारक वीरभद्र सिंह कांगड़ा का दौरा कर लौटे हैं।
22 अक्टूबर को सोनिया की रैली के दौरान वे मंडी जाएंगे। इसके बाद कांगड़ा और मंडी को लेकर उनका अलग से भी कार्यक्रम तय किया जा रहा है। मंडी के अलावा कांगड़ा में भी सोनिया और राहुल की जनसभाएं कराने की तैयारी है।
पिछले चुनाव में सीटों की स्थिति
जिला भाजपा कांग्रेस अन्य
कांगड़ा 9 5 2
मंडी 6 3 1
शिमला 2 5 1
सोलन 5 0 0
सिरमौर 1 4 0
बिलासपुर 3 1 0
हमीरपुर 4 1 0
ऊना 3 2 0
चंबा 3 2 0
कुल्लू 3 0 0
लाहौल-स्पीति 1 0 0
किन्नौर 1 0 0