गोवा में चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपे जाने के बाद भाजपा के मुखपत्र 'कमल संदेश' ने भी नरेंद्र मोदी का गुणगान किया है। मुखपत्र के जरिए भाजपा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी कड़ा संदेश दे दिया है।
कमल संदेश के संपादकीय में मोदी और उनके सुशासन की जमकर तारीफ करने के साथ ही कहा गया है कि गुजरात की धरती हिंदू-मुसलमान नहीं देख रही है।
यह सद्भावना की मिसाल बनकर उभर रही है। टोपी नहीं पहनना किसी चीज का विरोध नहीं होता है।
जब किसी चीज को पहनने से धर्म का संदेश जाता है तो उसे पहनने के लिए कोई किसी को वाध्य नहीं कर सकता है। हम किसी मुसलमान को टीका लगाने के लिए वाध्य नहीं कर सकते हैं।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने जदयू के दिल्ली सम्मेलन में कहा था कि देश में तिलक भी लगाना होगा और टोपी भी पहनी पड़ेगी। जबकि मोदी ने एक कार्यक्रम में नमाजी टोपी पहनने से इंकार कर दिया था।
माना जा रहा है कि 'कमल संदेश' का यह कटाक्ष नीतीश के लिए ही है।
बहरहाल, 'कमल संदेश' में कांग्रेस को भी नसीहत देते हुए कहा गया है कि उसे देश की धड़कन को समझना चाहिए।
मोदी की तारीफ करते हुए दावा किया गया है कि आज गुजरात में मुसलिमों के बीच मोदी सर्वाधिक लोकप्रिय व्यक्तित्व हैं। सवाल इस बात का नहीं कि भाजपा ने किसी मुसलमान को टिकट नहीं दिया।
सवाल इस बात का है कि मुसलिम गुजरात में अमन चैन से रह रहे हैं या नहीं। उनके सम्मान में बढ़ोतरी हो रही है या नहीं।
यह भी कहा गया है कि पिछले एक दशक के दौरान मोदी के खिलाफ प्रायोजित तरीके से वार किया गया। लेकिन वे लगातार विजयी होते रहे हैं।