उत्तराखंड में जारी भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सरकार ने दूसरे से दसवें जत्थे की कैलाश मानसरोवर यात्रा रद्द करने का फैसला किया है।
अल्मोड़ा और तवाघाट के बीच की सड़क कई जगह बह गई है और इसके अलावा कई बड़े पुलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'राज्य और स्थानीय प्रशासन का अनुमान है कि सड़क और पुलों को दुरुस्त करने में करीब एक महीना लग सकता है, इसलिए यह कदम उठाया जा रहा है।'
तस्वीरों में: तबाही के बाद राहत का इंतजार
इसमें कहा गया है, 'यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहले है, इसलिए मंत्रालय ने इस साल की कैलाश मानसरोवर यात्रा रद्द करने का फैसला किया है।'
9 जून से 9 सितंबर के बीच चलने वाली यात्रा का आयोजन गृह मंत्रालय करता है। इस साल अधिकतम 60 यात्रियों वाले कुल 18 जत्थे यात्रा पर जाने वाले थे।
तस्वीरों में: आसमान से बरसी आफत
हर साल कई सौ लोग इस यात्रा पर जाते हैं और पिछले साल 774 लोग इस यात्रा पर गए थे। हर जत्थे को यात्रा पूरी करने के लिए 22 दिन लगते हैं।
इनमें से 14 दिनों का सफर भारतीय सरजमीं पर है, जबकि शेष 8 दिन तिब्बत में बिताए जाते हैं, जो चीन का इलाका है।