पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के मामले में हत्यारोपी राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा की बर्खास्तगी, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, पत्रकार के पुत्रों को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर रविवार को जगेंद्र का पूरा परिवार रविवार सुबह घर के पास ही पेड़ के नीचे अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गया। परिवार के लोगों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं वे अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे।
अनशन पर बैठने वालों में जगेंद्र सिंह के पिता सुमेर सिंह, पुत्र राहुल सिंह, राजन सिंह, पुत्री रचना देवी, पत्नी सुमन सिंह और बहन लवली सिंह शामिल हैं। परिवार के लोगों ने कहा कि चारों मांगें पूरी होने तक उनका अनशन जारी रहेगा। जगेंद्र के पुत्र राहुल ने आरोप लगाया कि उन लोगों को लालच और धमकी देने वाले खुलेआम उनके घर के आसपास घूम रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इससे साफ है कि सरकार और पुलिस हर हालत में राममृर्ति सिंह वर्मा को बचाना चाहती है और परिवार के लोगों को भयभीत कर राजीनामा कराना चाहती है। परिवार के लोगों के साथ नगर के तमाम लोग भी अनशन स्थल पर मौजूद रहे।
पिता का पूर्व सांसद पर उतरा गुस्सा
अनशन स्थल पर पिता सुमेर सिंह ने कहा कि पुत्र के अंतिम संस्कार के दिन विधायक शकुंतला देवी ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने में मदद और परिवार के लोगों को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री से दिलाने का वायदा किया था। वहीं शनिवार को विधायक के पति पूर्व सांसद मिथिलेश कुमार उनके घर आए और राज्यमंत्री को निर्दोष करार देते हुए उनके बेटे जगेंद्र सिंह के बारे में अभद्र टिप्पणी की।
बकौल सुमेर सिंह, पूर्व सांसद ने उनके पुत्र की मौत पर सियासत सपा नेतृत्व की नजरों में अपने नंबर बढ़ाने और अपना वजूद बनाए रखने के लिए की। सच्चे पत्रकार की मौत पर इस तरह की घिनौनी राजनीति से उन्हें बेहद दुख पहुंचा है।
पत्नी मदद की बात करती है और पति पूर्व सांसद उनके पुत्र को गलत बताते हैं। इससे साफ है कि सपा नेता उन लोगों को बरगलाकर और झूठे आरोप लगाकर खुद का कद ऊंचा करने का प्रयास कर रहे हैं।
डीएम का वक्तव्य दुर्भाग्यपूर्ण
आईजी (नागरिक सुरक्षा) अमिताभ ठाकुर की पत्नी और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने डीएम शुभ्रा सक्सेना के पत्रकार जगेंद्र के परिवार से मिलने के आग्रह पर दिए वक्तव्य को दुर्भाग्यपूर्ण और प्रशासनिक निर्ममता का सबूत बताया है। प्रेस को जारी विज्ञप्ति में नूतन ने कहा है कि शनिवार को वह आईजी अमिताभ ठाकुर के साथ खुटार जाकर जगेंद्र के परिवार से मिली थीं।
परिवार वालों से दोनों ने मौजूदा स्थिति, विवेचना और सुरक्षा के बारे में जानकारी ली। परिवार के लोगों ने इस पर असंतोष जताया और सीबीआई जांच, आर्थिक सहायता की मांग की। बाद में अमिताभ और नूतन ने घटनास्थल का भी निरीक्षण और आसपास के लोगों से बात करके यह निष्कर्ष निकाला कि आग पुलिस के घर में अंदर घुसने के बाद लगी। इतना ही नहीं पुलिस जिस मुकदमे में जगेंद्र की गिरफ्तारी करने गई थी वह भी झूठा था।
बकौल नूतन, इसके बाद वे दोनों डीएम शुभ्रा सक्सेना से मिले और उनसे एक बार खुटार जाकर जगेंद्र के परिवार से मिल लेने का निवेदन किया। इस पर डीएम ने कहा कि एसडीएम मौके पर गए थे। यह काफी है। वैसे भी यह विवादित मामला है। इसमें दो तरह की बातें कही जा रही हैं। अगर वह मौके पर गईं तो वह भी विवादित हो जाएंगी।
मुआवजे के बारे में भी डीएम ने कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं दिया। नूतन ने डीएम के इस वक्तव्य को दुर्भाग्यपूर्ण और प्रशासनिक निर्ममता का सबूत बताया है।
मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा
आईजी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर मुझसे मिलने आई थीं। जगेंद्र के परिवार से मिलने के सवाल पर मैंने यही कहा कि प्रशासन के अधिकारी लगातार परिवार वालों से संपर्क बनाए हुए हैं।
वहां के हालात की रिपोर्ट भी मुझे दे रहे हैं। जरूरत महसूस होने पर मैं खुद भी वहां जाऊंगी। दरअसल रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस का ही काम रह गया है। वह जल्द से जल्द जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। नूतन ठाकुर को मुझपर वेवजह का आरोप नहीं लगाना चाहिए।
-शुभ्रा सक्सेना, जिलाधिकारी शाहजहांपुर।