वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील में रिश्वत दिए जाने के आरोपों की जांच के लिए सोमवार को रक्षा मंत्रालय और सीबीआई की संयुक्त टीम इटली रवाना होगी। टीम इटैलियन जांच अधिकारियों से मिल कर मामले से जुड़ी जानकारियां इकट्ठा करेगा। जांच दल में सीबीआई डीआईजी, एजेंसी के कानून अधिकारी, रक्षा मंत्रालय का संयुक्त सचिव स्तर का अधिकारी और विदेश मंत्रालय का एक अधिकारी शामिल होगा।
गौरतलब है कि शनिवार को इटली की एक अदालत ने भारत को अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में हुई घूसखोरी से संबंधित जानकारी देने से इनकार कर दिया था। ऐसे में मामले से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने के लिए सीबीआई के साथ रक्षा मंत्रालय के विशेष प्रतिनिधियों टीम को इटली भेजने का निर्णय लिया गया।
यह टीम रविवार को ही इटली रवाना होने वाली थी लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से रवानगी के फैसले को एक दिन आगे बढ़ा दिया गया। शनिवार को इटली की एक अदालत ने भारतीय दूतावास की अर्जी ठुकराते हुए कहा था कि चूंकि अदालत में यह मामला शुरुआती स्तर पर है इसलिए इटली के कानून के मुताबिक पूरी जानकारी गुप्त रखी जा रही है। इसे नहीं दिया जा सकता।
भारतीय दूतावास ने 13 फरवरी को इस अदालत से हेलीकॉप्टर कंपनी फिनमेकानिका के प्रमुख गियूसेप्पी ओरसी की गिरफ्तारी के जुड़े कागजात और इस डील में करीब 362 करोड़ की दलाली संबंधी तकनीकी जानकारी देने की अर्जी दी थी।
अदालत का कहना है कि मुकदमा आगे बढ़ने के साथ जब यह जानकारी गुप्त श्रेणी से बाहर आ जाएगी तब भारत अर्जी दे सकता है। लेकिन 21 मार्च को शुरू होने वाले बजट सत्र ने सरकार की चिंता बढ़ा रखी है।