फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गीतिका की मां को था कांडा के छूटने का डर

Sun, 17 Feb 2013 11:41 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
गीतिका शर्मा के परिजनों का आरोप है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। उनकी मां अनुराधा शर्मा को आशंका थी कि 22 फरवरी को चार्जशीट पर बहस के दौरान कांडा को अदालत से जमानत मिल जाएगी। इसी डर से उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।
विज्ञापन


परिवार का कहना है कि, गीतिका की आत्महत्या के बाद अनुराधा डिप्रेशन में थी। उनका वजन भी तेजी से कम हो रहा था। परिजन उसके अकेलेपन को दूर करने में लगे हुए थे। हर समय वह बेटी को इंसाफ दिलाने की बात करती रहती थी। रिश्तेदार ज्योति ने बताया कि समय बीतने के साथ उनकी न्याय की आस भी कमजोर हो रही थी।

केस में अहम गवाह चनशिवरूप भी जमानत लेकर अमेरिका चला गया था। ऐसे में अनुराधा के मन में यह बात बैठ गई थी कि बेटी को अब न्याय नहीं मिलेगा। वहीं, फोन पर लगातार मिल रही धमकियों ने भी उन्हें बुरी तरह डरा दिया था। आरोप है कि जल्द कांडा के बाहर आने की बात करके परिवार को देख लेने की धमकियां दी जा रही थीं।
विज्ञापन


चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार
शनिवार को गीतिका की मां अनुराधा का अंतिम संस्कार किया गया। पंजाबीबाग स्थित श्मशान घाट पर बेटे अंकित ने नम आंखों से मां की चिता को मुखाग्नि दी। इस मौके पर परिवार के अलावा चुनिंदा पड़ोसी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, नोट में अनुराधा के मना करने के कारण परिवार के किसी भी सदस्य ने मीडिया कर्मियों से बातचीत नहीं की।

बाबू जगजीवन राम अस्पताल में दोपहर 12 बजे बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। अनुराधा की इच्छा के मुताबिक शव को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की निगरानी में सीधे श्मशान घाट ले जाया गया। अंतिम संस्कार में परिवार के 30-40 लोगों के अलावा भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।

वहीं, अशोक विहार स्थित अनुराधा शर्मा के निवास पर सन्नाटा पसरा रहा। शनिवार को भी यहां पुलिस बल तैनात था। मीडियाकर्मियों को सोसाइटी में जाने की इजाजत नहीं थी। अनुराधा के परिवार के लोगों ने कहा कि उनकी अंतिम इच्छा का पालन करते हुए वे मीडिया से बात नहीं करेंगे। एक पड़ोसी ने बताया कि अनुराधा ने करीब 20-25 दिन पहले ही नौकरी ज्वाइन की थी। उनका न तो घर और न ही दफ्तर में मन लगता था।

अब पता नहीं वह किसकी....
मां की चिता को मुखाग्नि देते हुए अंकित रोते-रोते कहे जा रहा था,‘मेरी बहन को गोपाल कांडा ने मारा और वो ही मेरी मां की मौत का कारण बना, अब पता नहीं वह किसकी जान लेगा।’ कहते-कहते अंकित अचानक बेहोश हो गया। उसे तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। अस्पताल से परिजन अंकित को सीधे घर ले गए।

धमकाने की पुष्टि हुई तो होगी कांडा से पूछताछ
उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, गोपाल कांडा और अरुणा चड्डा से दुबारा पूछताछ की जा सकती है। अनुराधा और उनके परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस परिवार की मोबाइल कॉल डिटेल खंगाल रही है। कॉल डिटेल में यदि धमकाने की पुष्टि होती है तो कोर्ट से दोनों की दुबारा रिमांड मांगी जा सकती है।

अधिकारियों के मुताबिक, अनुराधा के सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। जांच में अन्य तथ्य सामने आएंगे तो उसके अनुसार आगे और भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। पुलिस के मुताबिक, वैसे तो अनुराधा की मौत सुसाइड करने की वजह से हुई, लेकिन फिर भी उनकी पीएम रिपोर्ट का इंतजार भी किया जा रहा है।

दिन में हुई थी बेटे अंकित से फोन पर बात
उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर बेटे अंकित ने अपनी मां अनुराधा के मोबाइल पर फोन कर खाना साथ में खाने के लिए कहा था, लेकिन मां ने तबीयत ठीक न होने और मन अच्छा न होने की बात कर खाना घर पर ही खाने की बात की थी।

पुलिस अधिकारी की माने तो अंकित और अनुराधा का ऑफिस आसपास ही थे। शुक्रवार शाम अनुराधा जल्दी घर पहुंच गईं और उन्होंने फांसी लगा ली। सबसे पहले उनकी रिश्तेदार ज्योति ने उन्हें फंदे पर लटके देखा। उसी ने अंकित को भी फोन कर अनुराधा के सुसाइड करने की सूचना दी।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें