जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय विकास परिषद की 57वीं बैठक में कहा कि कश्मीर पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ दोस्ती में पुल की भूमिका निभा सकता है।
भारत एवं पाकिस्तान के बीच दोस्ती के लिए पिछले एक साल में हुए प्रयासों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वीजा के लिए हाल में हुए समझौते से माहौल में तेजी से सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्था की रफ्तार में तेजी आ सकती है बशर्ते कि विकास एवं गरीबी निवारण के लिए पर्याप्त निवेश हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर ने 12वीं पंचवर्षीय योजना में विकास लक्ष्य 8 प्रतिशत रखा है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य को कुल 68,000 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र राज्यों को वित्तीय वर्ष के आरंभ में बजट की राशि जारी करे। साथ ही उन्होंने राशि जारी करते समय केंद्र द्वारा लगाई जाने वाली शर्तों पर ऐतराज जताया।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि उन्होंने प्रदेश में पंचायती व्यवस्था को विकास का आधार बनाने का फैसला लिया है। इस दिशा में राज्य में पहल शुरू हो चुकी है। पंचायतों को मजबूत करने के लिए उन्हें 14 सरकारी विभागों के कामों का अधिकार सौंपा जा रहा है तथा इसके लिए उन्हें पर्याप्त धनराशि भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने राज्य की दोनों राजधानियों जम्मू एवं श्रीनगर में बढ़ते ट्रैफिक एवं जाम का हवाला देते हुए कहा कि मेट्रो एवं मोनोरेल सेवा शुरू करने के लिए सर्वे कराया गया है। इस योजना पर 30,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने इस परियोजना को पूरा करने के लिएं केंद्र सरकार से अलग से सहायता की मांग की। साथ ही उन्होंने बताया कि अगले पांच साल में राज्य में 6000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।