सर्वकालिक महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के ऐतिहासिक विदाई टेस्ट मैच का गवाह बनने के केंद्रीय खेल मंत्री के दिली अरमान को बीसीसीआई ने ठेंगा दिखा दिया है।
अकूत दौलत वाले बीसीसीआई ने हमेशा की तरह इस बार भी खेल मंत्रालय को रत्ती भर भी तवज्जो न देने की नीति जारी रखते हुए खेल मंत्री जितेंद्र सिंह को मुंबई टेस्ट मैच देखने का न्यौता नहीं भेजा है।
बीसीसीआई ने सरकार के शीर्षस्थ खेल महकमे की यह अनदेखी तब कि है जब खुद खेल मंत्री ने सार्वजनिक रूप से सचिन के ऐतिहासिक 200वें टेस्ट मैच को देखने की इच्छा जताई थी।
वैसे बीसीसीआई की सरकार के खेल महकमे की यह तौहीन कोई नई बात नहीं है।
इस अविस्मरणीय मौके पर ही नहीं बल्कि 2011 में मुंबई में हुए विश्वकप क्रिकेट का फाइनल देखने के लिए भी बीसीसीआई ने तत्कालीन खेल मंत्री अजय माकन को न्यौता नहीं भेजा था।
तब माकन ने सोशल मीडिया पर न्यौता न मिलने की टीस जाहिर की थी। तब बीसीसीआई के इस रवैये की काफी आलोचना भी हुई थी।
मौजूदा खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने अभी पिछले महीने हॉकी इंडिया के एक समारोह में सचिन के विदाई टेस्ट मैच का गवाह बनने की इच्छा यह कहते हुए जाहिर की थी कि मैच देखने का न्यौता आता है तो वह जरूर लिटिल मास्टर के इस क्षण का हिस्सा बनना चाहेंगे।
खेल मंत्री की सार्वजनिक रूप से जाहिर की गई इस इच्छा को बीसीसीआई ने नोटिस लेना भी मुनासिब नहीं समझा।
दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर को अंतिम विदाई देने के लिए बीसीसीआई ने तमाम तरह के आयोजन किए हैं। मुंबई में बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे सचिन के अंतिम टेस्ट से पहले कई कार्यक्रमों का आयोजन हो चुका है।
बीसीसीआई की योजना टेस्ट के बाद भी कई भव्य कार्यक्रम करने की है। इसके लिए बीसीसीआई ने इन आयोजनों के साथ-साथ देश भर के विशिष्ट हस्तियों को सचिन का विदाई मैच देखने के लिए आमंत्रित किया है।
समारोह में केंद्रीय संचार और कानून मंत्री कपिल सिब्बल सचिन पर डाक टिकट जारी करने वाले हैं। तो मैच और कार्यक्रम के लिए वर्तमान एवं पूर्व क्रिकेटरों, अमिताभ बच्चन, लता मंगेशकर से लेकर बॉलीवुड की तमाम दिग्गज हस्तियों के साथ मुकेश अंबानी सरीखे तमाम उद्योगपतियों को भी निमंत्रित किया गया है।
मगर निमंत्रित होने वाली हस्तियों में न तो खेल मंत्री शामिल हैं और न ही खेल मंत्रालय से जुड़े अधिकारी। आयोजनों और मैच के दौरान शरद पवार, राजीव शुक्ला, अरुण जेटली, अनुराग ठाकुर जैसे राजनीतिज्ञ जरूर मौजूद रहेंगे मगर वे अतिथि नहीं बल्कि बीसीसीआई के कर्ताधर्ता के रूप में।