अपने विवादित बयानों से सुर्खियां बटोरने वाले बिहार के मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी अब नए विवाद में फंस गए हैं। हालांकि यह मामला विवादित बयानों का नहीं बल्कि चुनाव आयोग को दिए हलफनामें में अलग-अलग उम्र बताने का है।
इस नए विवाद में मांझी की उम्र के अलावा चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में संपत्ति के ब्यौरा भी विवादों में है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मांझी ने पिछले एक साल में तीन बार संपत्ति का ब्यौरा दिया जिसमें अलग-अलग आंकड़े दिए गए हैं।
मांझी ने संपत्ति का वार्षिक ब्यौरा दिसंबर 2013 और दिसंबर 2014 में दिया था जो लोकसभा चुनावों के दौरान चुनाव आयोग को हलफनामे के जरिए दिए संपत्ति के ब्यौरे से अलग था। इस विवाद को लेकर मांझी ने सफाई दी है कि चुनावों के दौरान दिया संपत्ति का ब्यौरा गलत था जिसे अब सुधारा गया है। हालांकि मांझी के बयान से उनकी पार्टी भी सहमत नहीं है।