झारखंड में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बीच सियासी नापतोल जारी है। दोनों दलों के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर बात अटक गई है। कांग्रेस के भले ही झामुमो से कम विधायक हैं लेकिन उसने मुख्यमंत्री पद की कुर्सी पर दावा ठोक दिया है।
पार्टी किसी भी सूरत में झामुमो को मुख्यमंत्री की कुर्सी देना नहीं चाहती। जबकि झामुमो कांग्रेस को यह पद देने के लिए तैयार नहीं है। इस बीच झामुमो और कांग्रेस दोनों के विधायक वापस रांची लौट गए हैं।
झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के बेटे हेमंत ने कहा कि कांग्रेसी नेताओं के साथ बातचीत के आधार पर हमें उम्मीद है कि सरकार जरूर बनेगी। वहीं कांग्रेस के नेताओं ने झामुमो को कहा है कि पार्टी झामुमो को मुख्यमंत्री की कुर्सी देना नहीं चाहती।
पार्टी ने झामुमो को तर्क दिया है कि वे राष्ट्रीय जनता दल समेत तमाम छोटे दलों के साथ मिलकर लगभग 25 विधायक का आंकड़ा बना रहे हैं, जबकि झामुमो के पास 18 विधायक हैं। इसीलिए मुख्यमंत्री की कुर्सी कांग्रेस के उम्मीदवार को सौंपनी चाहिए।
कांग्रेस का यह तर्क झामुमो को पच नहीं रहा है। लिहाजा हेमंत अपने पिता शिबू सोरेन से राय मशविरा करने रांची वापस लौट गए हैं। उधर, दिल्ली में डेरा डाले प्रदेश कांग्रेस के विधायक भी वापस लौट गए। कांग्रेस विधायक लगातार कांग्रेस हाईकमान पर सरकार बनाने का दबाव बना रहे हैं।