बिहार विधानसभा उपचुनाव में सीटों के बंटवारे पर जदयू और राजद के बीच बातचीत अटक गई है।
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण से मिलने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह केवल शरद या नीतीश से ही इस बारे में बात करेंगे।
उन्होंने कहा कि अगर जेडीयू सीट बंटवारे पर बातचीत प्रदेश अध्यक्ष स्तर पर करना चाहता है तो उसे आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात का समय लेना चाहिए।
वशिष्ठ नारायण से नहीं मिले लालू यादव
लालू की झिड़की के बाद जेडीयू सकते में है। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने कहा है कि गठबंधन तो हो गया है, इसकी अब सिर्फ औपचारिक घोषणा होनी रह गई है।
हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस संबंध में अपने पुराने बयान से मुकरते हुए कहा कि अभी गठबंधन के संबंध में किसी से बात करने की पहल ही नहीं की गई है।
उन्होंने कहा, "इस पर किसी प्रकार की कोई चर्चा करने से पहले पार्टी के अंदर इस मामले पर चर्चा होगी। इसके बाद ही गठबंधन के साथी के साथ इस पर चर्चा होगी।"
नीतीश ने अपनी संभावित दिल्ली यात्रा को खारिज करते हुए कहा कि वह फिलहाल दिल्ली नहीं जा रहे हैं।
'केवल शरद या नीतीश से ही करेंगे बात'
उधर, राबड़ी देवी ने इस मामले पर फिलहाल कोई बयान देने से इनकार कर दिया है।
आरजेडी सूत्रों के अनुसार आरजेडी सुप्रीमो इस बात को लेकर काफी खफा हैं कि जेडीयू ने उनके स्तर का सम्मान नहीं किया और उनसे बात करने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव या नीतीश कुमार के बदले प्रदेश अध्यक्ष को अधिकृत कर दिल्ली भेजा।
लालू शरद और नीतीश के साथ ही तालमेल पर बात करना चाहते हैं। इसके साथ ही लालू किसी भी हाल में जदयू को तीन से ज्यादा सीट उपचुनाव में नहीं देना चाहते हैं, जबकि जेडीयू पांच सीटों पर दावा कर रही है।
जेडीयू की प्रदेश कार्यकारिणी ने प्रदेश अध्यक्ष को ही उपचुनाव की सीटों पर बातचीत के लिए अधिकृत किया था। इसके बाद मंगलवार को वशिष्ठ नारायण सिंह ने कई बार लालू से बात करने की कोशिश की, लेकिन आरजेडी अध्यक्ष फोन पर भी नहीं आए।