बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ विद्रोह के स्वर लगातार तेज होते जा रहे हैं। अब उनकी पार्टी के नेता भी ज्यादा खुश नजर नहीं आ रहे हैं। नीतीश की पार्टी जदयू के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहम्मद तस्लीमुद्दीन ने भी उनके विकास कार्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने कहा, ‘नीतीश सिर्फ हवा में विकास की बात कर रहे हैं जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। वह विकास पुरुष नहीं हैं, बल्कि वह सिर्फ एक इंजीनियर हैं। वह बड़े-बड़े दावों से जनता को बेवकूफ बना रहे हैं।’ मुख्यमंत्री की धर्म निरपेक्ष छवि पर भी टिप्पणी करते हुए तस्लीमुद्दीन ने कहा कि उनमें और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है।
भाजपा से उनके गठबंधन के चलते मुसलिम उनके साथ जुड़ने से कतरा रहे हैं। पिछली बार लोकसभा चुनाव हारने से पहले चार बार सांसद रह चुके तस्लीमुद्दीन ने कहा कि नीतीश सरकार पूर्णिया, अररिया और किशनगंज जिलों में विकास कार्यों की उपेक्षा कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस वजह से मैंने लालू प्रसाद यादव की पार्टी छोड़ी थी और वर्तमान सरकार में भी मैं यह बर्दाश्त नहीं करूंगा। राष्ट्रीय जनता दल में वापस लौटने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में समय आने पर उचित फैसला लिया जाएगा। मैं अररिया से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव लड़ सकता हूं।