मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अफसरों को योजनाओं के कार्यान्वयन में समय, गुणवत्ता और तत्काल कोष आवंटन का खास ख्याल रखने की सख्त हिदायत दी है। सोमवार को अहम विभागों के आला अफसरों की बैठक में उन्होंने साफ कर दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
समय सीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ काम पूरा कराने को सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अगले महीने से वह खुद डीएम से किसी भी तरह की योजना की प्रगति के बारे में जानकारी लेंगे। काम में कोताही सामने आने पर अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने अफसरों को फील्ड का दौरा करने और किसी तरह की समस्या का मौके पर ही निपटारा कर काम को समय से पूरा कराने कहा है।
उन्होंने निर्माण संबंधी कार्यों को युद्धस्तर पर कराने कहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कल्याणकारी कार्यक्र मों के लिए फंड रिलीज कर दिए गए हैं। अब अफसरों को विकास कार्यों को पूरा कराने में लग जाना चाहिए। प्रमुख सचिवों की यह जिम्मेदारी है कि वे हर हाल में यह देखें कि शासन स्तर पर जो फंड रिलीज हुआ है, वह निचले स्तर तक पहुंचा है या नहीं। यह भी सुनिश्चित करें कि इसका सदुपयोग प्रारंभ हो गया है। मुख्य सचिव महीने में दो बार इस आधार पर विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए इसकी विस्तृत रिपोर्ट देंगे।
उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम खत्म हो गया है और अब निर्माण संबंधी विकास कार्यों को युद्धस्तर पर कराया जाए। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के फंड से चलने वाली योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन विभागों को केंद्र सरकार से अभी तक धनराशि नहीं मिली, ऐसे विभागों के वरिष्ठ अधिकारी प्रभावी कार्रवाई कर लंबित धनराशि को रिलीज करवाएं।
मुख्यमंत्री ने आगरा मेडिकल कालेज को स्वतंत्र फीडर से 24 घंटे बिजली देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश केसभी राजकीय इंटर कालेजों तथा राजकीय बालिका इंटर कालेजों के भवनों का सुदृढ़ीकरण कराए जाने के लिए एक समग्र कार्य योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।
बिजली निगम के तीन एसई, 13 एक्सईएन सस्पेंड
लखनऊ। आखिरकार बिजली को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का गुस्सा फूट ही पड़ा। सोमवार को बजट स्वीकृतियां जारी करने के संबंध में विभागीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बिजली की दुर्दशा पर अफसरों को जमकर फटकार लगाई। मुख्यमंत्री ने हर विद्युत वितरण निगम से खराब परफार्मेंस वाले तीन-तीन अधिशासी अभियंताओं और एक-एक अधीक्षण अभियंता को चिह्नित कर निलंबित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पावर कारपोरेशन ने खराब परफार्मेंस वाले 13 अधिशासी व तीन अधीक्षण अभियंताओं को चिह्नित कर देर शाम निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। एक सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री के गृह जनपद इटावा के भी अधिशासी अभियंता कार्रवाई की चपेट में आए हैं।