चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में मिली हार और सिर पर लटके लोकसभा चुनावों की वजह से कांग्रेस में बदलाव की बयार चल पड़ी है।
इसी सिलसिले की ताजा कड़ी में शनिवार को वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री जयंती नटराजन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस का कहना है कि उन्होंने ऐसा संगठन में काम करने के लिए किया है।
जयंती के पद छोड़ने के बाद उनके कामकाज का जिम्मा पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली संभालेंगे।
इससे पहले कांग्रेस ने दो राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष भी बदले। दिल्ली में आठ सीटों पर सिमटने के बाद कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष का जिम्मा 45 वर्षीय अरविंदर सिंह लवली को सौंपा।
ऐसा कहा जा रहा था कि यह पद पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को दिया जा सकता है, लेकिन फैसला लवली के पक्ष में हुआ। लवली शीला के साथ-साथ राहुल गांधी के करीबी बताए जाते हैं।
इसी तरह छत्तीसगढ़ में चरण दास महंत को हटाकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी भूपेश बघेल को सौंपी गई। भूपेश बीते कुछ दिनों से लगातार राहुल गांधी के संपर्क में थे।
जिस बैठक में यह फैसला हुआ, वह राहुल गांधी के तुगलक लेन स्थित निवास पर हुई। यह कांग्रेस में बदलाव का संकेत है, क्योंकि इससे पहले इस तरह की अहम बैठकें कांग्रेस कार्यालय या सोनिया गांधी के निवास पर होती थीं।
विधानसभा चुनावों की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि पार्टी आम आदमी से जुड़ने की कोशिश करेगी और वह इसमें इतना बदलाव ले आएंगे कि यकीन करना मुश्किल होगा।