पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिग्गज कांग्रेसी नेता जयंती नटराजन को भाजपा में लाने के मामले पर पार्टी बंटी हुई दिखाई पड़ रही है। संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने स्पष्ट कहा है कि जयंती के भाजपा में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता।
हालांकि सूत्रों के अनुसार, नटराजन ने बीते 27 नवंबर को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर भगवा परिवार में शामिल होने की इच्छा जताईं है। बताया जा रहा है कि वेंकैया समेत तमाम नेताओं ने जयंती के प्रस्ताव का विरोध किया है।
कहा जा रहा है कि सीबीआई की जांच से बचने के लिए जयंती भाजपा से नजदीकी गांठने में जुटी हैं। अपने ऊपर लगे आरोपों को कांग्रेस नेताओं के सिर मढ़ कर वो भाजपा का दामन थामना चाहती हैं।
हालांकि सरकार के एक घड़े का मानना है कि लोकसभा चुनाव में जयंती टैक्स का नारा देकर कांग्रेस पर पीएम मोदी के सियासी हमले को जनता भूली नहीं है। जयंती को भाजपा में लाने से दल की छवि के साथ पीएम पर भी सवाल उठेंगें।