जया बच्चन और रेखा की अदावत के किस्से बॉलीवुड में मशहूर हैं। जया बच्चन राजनीति में एक मुकाम बना चुकी हैं। वह समाजवादी पार्टी के कोटे से राज्यसभा की सदस्य हैं। यूपीए सरकार ने रेखा को भी राज्यसभा के सदस्य के रूप में नामित किया था। चंद महीने पहले दोनों अभिनेत्रियों का संसद में एक ही छत के नीचे बैठना सुर्खियां बन गया था।
उस समय कयास थे के राज्यसभा में रेखा और जया साथ ही बैठें, हालांकि ऐसा हो नहीं पाया। ऐसी खबरें आई की जया बच्चन ने राज्यसभा में रेखा के साथ बैठने से इनकार कर दिया था। लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने ऐसे इंतजाम कर दिए हैं कि जया बच्चन को अब रेखा के साथ बैठना ही होगा।
दरअसल संसद की आकलन समिति ने मंगलवार को 35 स्थायी समितियों का गठन किया, जिसमें जया और रेखा को सूचना और प्रौद्योगिकी मामलों की समिति का सदस्य बनाया गया है। समिति के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर हैं।
आडवाणी भी होंगे जया और रेखा के साथ
सूचना और प्रौद्योगिकी समिति में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को भी शामिल किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को वित्त मामलों की समिति का सदस्य बनाया गया है।
वित्तीय मामलों की समिति का अध्यक्ष जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली को बनाया गया है, वहीं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी समिति का अध्यक्षता युवा सांसद अनुराग ठाकुर को बनाया गया है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को रक्षा संबंधी समिति का सदस्य बनाया गया है, इस समिति का अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री बीसी खंडूरी को बनाया गया है।
राहुल गांधी को भी दी गई अहम जिम्मेदारी
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को विदेश मामलों की स्थायी समिति का सदस्य बनाया गया है। इसके अध्यक्ष शशि थरूर हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को किसी भी समिति में जगह नहीं दी गई है। पहले वह मानव संसाधन तथा खेल मामलों की समिति की सदस्य रह चुकी हैं।
लोकसभा सचिवालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वाणिज्य संबंधी समिति की अध्यक्षता चंदन मित्रा को, गृह संबंधी समिति की अध्यक्षता पी भट्टाचार्य को, मानव संसाधन समिति की अध्यक्षता जेपी नड्डा को सौंपी गई है।
उद्योग संबंधी स्थायी समिति की अध्यक्षता जदयू सांसद केसी त्यागी को, विज्ञान और तकनीकी समिति की अध्यक्षता अश्विनी कुमार को, परिवहन, पर्यटन और संस्कृति समिति की अध्यक्षता डॉ कंवरदीप सिंह को, स्वास्थ्य संबंधी समिति की अध्यक्षता सतीश चंद्र मिश्र को विधि संबंधी समिति की अध्यक्षता ईएम सुदर्शन नचिप्पन को, कृषि संबंधी समिति की अध्यक्षता हुकुमदेव नारायण यादव को दी गई है।
कांग्रेस को पांच समितियों की कमान
कांग्रेस भले ही संसद में नेता विपक्ष का पद हासिल करने में नाकाम रही हो, लेकिन वह नई गठित संसद की स्थायी समितियों में पांच की कमान हासिल करने में सफल रही।
पार्टी के जिन नेताओं को स्थायी समितियों की अध्यक्षता मिली है उसमें एम वीरप्पा मोइली, शशि थरूर, पी भट्टाचार्य के नाम शामिल हैं।
इन्हें क्रमश: वित्त, विदेश और गृह मामलों की स्थायी समिति की कामन सौंपी गई है। इसके अलावा विज्ञान और तकनीकी समिति की अध्यक्षता अश्विनी कुमार को तथा लोक लेखा समिति का अध्यक्षता केवी थामस को दी गई है।