जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में संसद हमले के दोषी अफजल गुरू के समर्थन में विवादित कार्यक्रम आयोजित करने के आरोपी उमर खालिद समेत अन्य छात्र के कैंपस में पहुंच गए हैं। पुलिस भी जेएनयू पहुंच चुकी है ताकि इन्हें गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस के जाने पर यहां मौजूद छात्रों ने कहा कि वो आत्मसमर्पण नहीं करेंगे, मगर पुलिस आकर उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। एक आरोपी छात्र आशुतोष ने सभी के कैंपस में होने की जानकारी ट्वीट कर दी है। उसने लिखा है, वी आर इन कैंपस। करीब 20 मिनट कैंपस में रुकने के बाद पुलिस बाहर निकल आई।
फिलहाल पुलिस कैंपस के बाहर है और उसने पांचों आरोपी छात्रों को सरेंडर करने के लिए सुबह तक का वक्त दिया है। इन छात्रों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज है। आशुतोष ने कहा हम लोग जांच पड़ताल में साथ देने के लिए आए हैं। हमें देश और दुनिया के छात्रों का जो भारी समर्थन मिला उसने हमें वापस लौटने की हिम्मत दी।
मैं रामा, अनिर्बन और अनंत यहीं आसपास थे मगर लोगों के सामने इस डर से नहीं आए कि लोग हमें मार देंगे। आशुतोष ने कहा कि हम चारों का उमर से कोई संपर्क नहीं था। उससे आखिरी बार 9 फरवरी को बात हुई थी। सभी छात्र दिल्ली में ही थे और रविवार को कैंपस लौटने का फैसला व्यक्तिगत था, हमने यह फैसला मिलकर नहीं लिया। हमने कुछ भी गलत नहीं किया है। हमें फर्जी वीडियो के जरिए फंसाया गया है। हम अब कहीं नहीं जाएंगे और यूनिवर्सिटी को राष्ट्रविरोधी का तमगा दिए जाने के खिलाफ अभियान जारी रखेंगे। (कैंपस में संबोधित करते उमर खालिद)