न तो जेडीयू का तीर धनुष किसी और के पास जाएगा और न ही राजद का लालटेन को कोई और झटक पाएगा। दरअसल, विधिवत विलय की स्थिति में चुनाव आयोग पुराने चुनाव चिन्हों को नियमानुसार किसी एक गुट या विरोधी गुट को आवंटित नहीं कर सकता।
जनसंघ का जनता पार्टी में विलय सहित इतिहास में विभिन्न दलों के विलय के मामले में भी इसी कारण पुराने चुनाव चिन्ह किसी अन्य दल या गुट को आवंटित नहीं गए।
इस बीच जनता परिवार में विलय के बाद नाम और निशान तय करने के लिए बनी कमेटी ने फिलहाल नई पार्टी का नाम समाजवादी जनता पार्टी और चुनाव निशान साइकिल रखने का फैसला किया है।
अंतिम फैसला से पहले कमेटी वरिष्ठ नेता एचडी देवगौड़ा और अभय चौटाला से बातचीत करेगी। जदयू, राजद, सपा और सजपा पहले से ही साइकिल पर सवार होने पर सहमत हैं।