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एफडीआई पर वोट के लिए एंबुलेंस में आए सांसद

Fri, 07 Dec 2012 06:11 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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एफडीआई पर राज्यसभा में मत विभाजन के दौरान सरकार ने किसी तरह का खतरा मोल नहीं लिया। सरकार ने अपने दो अस्वस्थ सदस्यों से लॉबी से मतदान कराया।
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मत विभाजन से पहले संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने सभापति मोहम्मद हामिद अंसारी से अनुरोध किया कि 2 सदस्य एनसीपी के जनार्दन वाघमारे और कांग्रेस के जनार्दन रेड्डी अस्वस्थ होने के कारण लॉबी से मतदान करेंगे।

सभापति की ओर से अनुमति मिलने के बाद इन दोनों सदस्यों ने लॉबी से मतदान किया। वाघमारे को मतदान के लिए सीधे अस्पताल से एंबुलेंस में संसद भवन लाया गया। रेड्डी भी अस्वस्थ होने के बावजूद वोट के लिए संसद आए।
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राज्यसभा में यूपीए सरकार को रिटेल में एफडीआई का प्रस्ताव पारित होने की पूरी उम्मीद थी लेकिन सरकार चाहती थी कि जीत ज्यादा वोटों से हो। इसलिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नामांकित सदस्यों से वोटिंग के दौरान सदन में मौजूद रहने की अपील की थी।

प्रधानमंत्री की इस अपील का असर वोटिंग के दौरान साफ नजर आया। एक मनोनीत सदस्य सचिन तेंदुलकर इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे क्रिकेट टेस्ट मैच के सिलसिले में कोलकाता में होने के कारण वोट डालने नहीं आए। उनके अलावा सभी नामांकित सदस्य सदन में मौजूद थे।
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मत विभाजन में सरकार के पक्ष में 123 वोट थे जबकि उसके खिलाफ 109 वोट रहे। यानी केवल 109 सदस्यों ने एफडीआई के खिलाफ विपक्ष के प्रस्ताव के हक में मतदान किया। सरकार का काम आसान किया उसकी सहयोगी पार्टियों बसपा और सपा ने। हालांकि ये दोनों पार्टियां एफडीआई का विरोध करती आई हैं। बसपा ने वोटिंग में सरकार का साथ दिया, जबकि सपा ने सदन से वॉकआउट किया।
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