पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णा तीरथ के भाजपा में जाने से खफा कांग्रेस को अब उनके ही महासचिव जनार्दन द्विवेदी के मोदी गान ने नाराज कर दिया है। जर्नादन द्विवेदी ने हाल ही में मोदी की तारीफ करते हुए कहा था कि मोदी ने भारत में एक नए युग की शुरुआत की है और मोदी का सत्ता में आना भारतीयता की जीत है।
द्विवेदी के इस बयान पर कांग्रेस पार्टी की प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस के मीडिया प्रमुख अजय माकन ने कहा कि नरेंद्र मोदी किसी भी सूरत में भारतीयता के प्रतीक नहीं हो सकते हैं, क्योंकि उनके नेता जिस तरह के ज्यादा बच्चे पैदा करने की सीख दे रहे हैं वो कहीं से भी भारतीयता की निशानी नहीं हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि द्विवेदी के इस बयान को लेकर उन पर कार्रवाई होगी।
जनार्दन ने कहा, "भाजपा और मोदी खुद को आम भारतीयों से ज्यादा नजदीक साबित करने में सफल रहे हैं। उन्होंने सामाजिक स्तर पर इस काम में बड़ी सफलता हासिल की है और उनकी जीत भारतीयता की जीत है।"
हालांकि बाद में उन्होंने अपने इस बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उन्होंने जो कुछ भी कहा वह सिर्फ साल 2014 में हुए आम चुनावों का विश्लेषण मात्र है और यह मोदी या भाजपा की जीत से ज्यादा कांग्रेस की हार है।
'मेरे जैसे लोगों के ईमान नहीं बदला करते'
जर्नादन ने कहा कि मोदी ने लोगों को यह विश्वास दिलाया कि वो आम लोगों के ज्यादा करीब हैं और लोग ऐसा विश्वास भी करते हैं। जर्नादन के इस बयान ने कांग्रेस की भीतरी सियासत को गर्मा दिया है, हालांकि उन्होंने अपने बयान को अलग संदर्भ में दिया गया बयान करार दिया है।
जर्नादन के इस बयान को लेकर उनके भविष्य को लेकर तमाम कयासों को जन्म दे दिया है। अपने बयान पर सफाई देते हुए जर्नादन ने कहा कि उनके जैसे लोगों विचार और ईमान नहीं बदला करते हैं। अगर जरूरत पड़ती है तो मैं विभाजन की राजनीति से खुद को अलग कर लूंगा, यह बात विचारणीय है कि मैं इसके इतर कुछ और करूंगा।
प्रभात झा ने किया द्विवेदी के बयान का समर्थन
भाजपा नेता प्रभात झा, जनार्दन द्विवेदी के बयान के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने कहा कि जर्नादन जी मेरे बड़े भाई जैसे हैं और उन्होंने जो कुछ भी कहा है मैं उससे पूरी तरह से सहमत हूं।
प्रभात झा ने कहा कि जनार्दन जी में भारतीयता की झलक दिखती है। उन्होंने कहा कि वो कांग्रेस और गांधी परिवार के रक्षक हैं और अनेको तो कांग्रेस में भक्षक हैं।
वहीं अन्य भाजपा नेता जीवीएल नरसिंहा राव ने कहा कि मेरा मानना है कि जर्नादन द्विवेदी जी ने देश की संपूर्ण राजनीति और देश की पब्लिक क्लास की भावना को प्रदर्शित करने की कोशिश की है।