आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल बुधवार सवेरे पार्टी में मंत्र की कुर्सी को लेकर शुरू हुई बगावत को बढ़ने से पहले रोकने में कामयाब हो गए।
केजरीवाल ने कहा कि पार्टी विधायक विनोद कुमार बिन्नी चुनिंदा नेताओं को मंत्रीपद दिए जाने के फैसले से कतई नाराज नहीं हैं।
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उन्होंने कहा, "बिन्नी खफा नहीं हैं, मंगलवार को मेरे घर पर उनसे मुलाकात हुई थी और उन्होंने कहा कि वह किसी पद के लिए नहीं, बल्कि मिशन के लिए आप से जुड़े हैं।"
आप प्रमुख ने कहा, "बिन्नी ने मीडिया से बातचीत कर साफ भी कर दिया है कि वह नाराज नहीं हैं।"
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यह पूछने पर कि कांग्रेस प्रवक्ता जर्नादन द्विवेदी ने स्वीकार किया उनके नेताओं का एक धड़ा आप को समर्थन देने के खिलाफ है, इस पर केजरीवाल ने कहा, "यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है और यह उनकी पार्टी की दिक्कत नहीं है।"
स्वराज और लोकपाल के मुद्दे पर केजरीवाल ने कहा, "देश के संविधान के मुताबिक दिल्ली अपना कानून बना सकती है, लेकिन केंद्र सरकार ने हाल में एक आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि दिल्ली सरकार को ऐसा करने से पहले केंद्र से इजाजत लेनी होगी, ऐसे में हमें इस मुद्दे पर गौर करना होगा।"
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यह पूछने पर कि क्या उन्होंने अपने गुरु अन्ना हजारे को शपथ ग्रहण समारोह के लिए निमंत्रण भेजा है, केजरीवाल ने कहा, "जैसे ही तारीख पर फैसला है, मैं खुद अन्ना से बात कर उन्हें आमंत्रित करूंगा।"
26 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह के बारे में उन्होंने कहा कि अब तक कुछ तय नहीं है, क्योंकि उप राज्यपाल ने अब तक इस बारे में अपना फैसला नहीं सुनाया है।