जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ को कांग्रेस ने राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। वहीं प्रधानमंत्री ने आपदा की इस घड़ी में राज्य को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है।
दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि स्थिति बहुत गंभीर है। 107 लोगों ने अपनी जान गंवाई है और 400 गांव बाढ़ के पानी में जलमग्न हो गए हैं, जबकि 25 हजार गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री से राज्य आपदा फंड का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है, जिसमें 90 फीसदी योगदान केंद्र सरकार का होता है। उन्होंने बताया कि इस आपदा के समय केंद्र सरकार राज्य के साथ है। राज्य सरकार को हरसंभव सहायता दी जाएगी।
वहीं राज्यसभा में प्रतिपक्ष नेता गुलाम नबी आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर कहा है कि लोगों के जानमाल के नुकसान को देखते हुए इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड की त्रासदी की तर्ज पर लोगों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से बाहर निकालने के लिए सेना और वायु सेना की सेवा देने की भी मांग की है।
गुलाम नबी आजाद के मुताबिक प्रधानमंत्री ने उन्हें राज्य को इस आपदा से उबारने के लिए हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। गुलाम नबी आजाद ने जम्मू और कश्मीर के बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करने के बाद श्रीनगर से प्रधानमंत्री से बात की है।
आजाद ने प्रधानमंत्री से कहा है कि जम्मू कश्मीर के लगभग सभी इलाकों में बाढ़ से जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। कठुआ से लेह तक तबाही का मंजर है। अब इस त्रासदी से निपटना राज्य सरकार के बूते की बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि इसलिए केंद्र सरकार को बिना देर किए सेना और वायु सेना की सेवा देकर फंसे हुए लोगों को बचाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से राज्य सरकार को तुरंत फंड देने की मांग की। ताकि तुरंत राहत कार्य किया जाए।