भाजपा और केंद्र सरकार का एक वर्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फीकी पड़ रही चमक का ठीकरा वित्त मंत्री अरुण जेटली के सिर मढ़ने की कोशिश में है।
इसके तहत जेटली की कार्यशैली को लेकर संघ के शीर्ष अधिकारियों में उनके खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास हो रहा है। इसमें जुटे नेताओं की कोशिश है कि पीएम मोदी की कमजोर पड़ रही जन हितैषी छवि का दोष जेटली पर डाल दिया जाए।
पीएम के रूप में मोदी के एक साल पूरे होने पर उनके कामकाज को लेकर चल रहीं अनौपचारिक चर्चाओं के बीच संघ के अधिकारियों को मोदी के नेतृत्व पर तो अब भी भरोसा है। मगर यह महसूस किया जा रहा है कि पीएम बनने के बाद मोदी की छवि वैसी नहीं रही है जैसी गुजरात का मुख्यमंत्री रहते थी।
वैसे मोदी को करीब से जानने वाले एक भाजपा नेता का कहना है कि कांग्रेस की तरह ही मोदी भी सफलताओं को खुद के खाते में जोड़ते हैं। तो विफलता का दोष दूसरों के सिर मढ़ते हैं। यह माना जा रहा कि महज एक भूमि अधिग्रहण बिल ने मोदी की छवि को नुकसान पहुंचाया है।