संसद में राहुल गांधी ने सुषमा स्वराज दोबारा आरोप लगाया कि उन्होंने ललित मोदी से कितना पैसा लिया है जिसके बाद सदन में बवाल शुरु हो गया।
इस दौरान सदन से कांग्रेस, लेफ्ट, जेडीयू और राजद ने सदन ने वाक आउट कर लिया। राहुल द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद में सरकार का पक्ष रखने के लिए खड़े हुए।
उन्होंने राहुल के आरोप पर निशाना साधते हुए कहा कि वो देश को बंदर न बनाएं और उनके तर्कों में कोई दम नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल बिना जानकारी के विशेषज्ञ बन रहे हैं।
नहीं होगा सुषमा का इस्तीफा
जेटली ने सदन में कहा कि कांग्रेस विषय से भटक गई है। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को खाजिर करते हुए कहा कि उनके आरोप निराधार हैं और सुषमा के इस्तीफे का कोई प्रश्न ही नहीं उठता।
ललित मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए जेटली ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल के दौरान क्या किया था? उन्होंने कहा कि जब ललित मोदी लंदन में थे तब यूपीए सरकार उन्हें भारत में खोज रही थी।
ललित मोदी के खिलाफ रेडकार्नर नोटिस जारी करने के मुद्दे पर जेटली ने कहा कि आखिर कांग्रेस ने मोदी के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस क्यों नहीं जारी की?
सुषमा की बेटी को कोई आर्थिक लाभ नहीं
वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि 2009-10 में बिना आरबीआई को बताए देश से पैसा बाहर गया था। उन्होंने यह भी कहा कि जिस फेमा कानून के तहत ललित मोदी पर केस दर्ज हुआ है, उसके तहत गिरफ्तारी नहीं हो सकती।
जेटली ने कहा कि इस मामले में सुषमा की बेटी को किसी तरह को कोई आर्थिक लाभ नहीं हुआ। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि 2014 के पहले कांग्रेस ने ललित मोदी पर यूपीए सरकार ने क्या कार्रवाई की?
जेटली ने कहा कि यह विवाद 2009-10 का है और ललित मोदी ईडी के नोटिस के बाद भी नहीं पेश हुए। उन्होंने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने ब्लू लाइट कार्नर नोटिस क्यों जारी की थी?
हमारी सरकार कर रही है कार्रवाई
जेटली ने कहा कि कांग्रेस ने ही ललित मोदी के बचाया था क्योंकि वो ललित मोदी के खिलाफ फेमा के तहत कार्रवाई कर रही थी, लेकिन हमारी सरकार ने ललित मोदी के खिलाफ मनी लॉंड्रिंग के अंतर्गत केस दर्ज किया है।
हमारी सरकार इस मामले में पूर्ववर्ती सरकार से बेहतर काम कर रही है। उन्होंने कहा विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर संसद का एक सत्र बर्बाद कर दिया।
जेटली ने सुषमा का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया। एक तरफ जेटली संसद में सुषमा का बचाव कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर सदन के बाहर राहुल गांधी अपना पक्ष रखा रहे थे।
प्रधानमंत्री के पास कोई जवाब नहीं
राहुल गांधी ने सदन से बाहर आने के बाद पत्रकारों से कहा कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी करप्शन से क्यों नहीं लड़ रहे हैं? उन्होंने कहा कि अगर वो सुषमा और वसुंधरा को बचाएंगे तो उनकी साख कम हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि अगर कोई तर्क है कि वे सुषमा और वसुंधरा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकते तो उन्हें यह देश को बताना चाहिए। राहुल ने कहा कि यदि कोई तार्किक वजह मिले तो आप उनके खिलाफ कार्रवाई मत करिए।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इस दौरान सदन में प्रधानमंत्री मौजूद नहीं थे, क्योंकि उनके पास कोई जवाब नहीं है।