पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर सभी दल कांग्रेस के साथ मिलकर मोदी सरकार का विरोध कर रहे हैं। रमेश ने कहा कि सिर्फ विपक्षी दल ही नहीं बल्कि एनडीए सरकार के सहयोगी दल भी सरकार के इस विधेयक से खुश नहीं है।
भूमि अधिग्रहण विधेयक को लेकर गठित संसद की संयुक्त कमेटी की बैठक बृहस्पतिवार को होनी है। इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने मोदी सरकार को संकेत दे दिया है कि इस मोर्चे पर उसकी राह कठिन है। जयराम ने बताया कि संसद की संयुक्त समिति ने रिपोर्ट जमा करने के लिए एक हफ्ते का और समय मांगा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री मान रहे है कि विपक्षी दलों की एकजुटता को देखकर मोदी सरकार इस बिल को ठंडे बस्ते में डाल सकती है। उनका मानना है कि बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव में सियासी नुकसान को देखते हुए सरकार इसे टाल सकती है।
पार्टी ने दावा किया कि एनडीए के सहयोगी दल अकाली दल, शिवसेना भी मोदी सरकार से सहमत नहीं है। साथ ही सरकार के करीबी अन्नाद्रमुक भी मोदी सरकार के खिलाफ अपना रूख जाहिर कर सकती है।