ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कभी नक्सलियों का गढ़ रहे जंगल महल इलाके के विकास के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जमकर तारीफ की है। जयराम ने कहा कि ममता ने जंगल महल को बदलने का राजनीतिक साहस दिखाया है।
सितंबर में तृणमूल कांग्रेस के यूपीए सरकार से अलग होने के बाद ममता पर निशाना साध चुके जयराम ने बृहस्पतिवार को कहा कि नक्सल समस्या से निपटने की ममता की रणनीति बिलकुल सही है।
पश्चिम बंगाल के ग्रामीण विकास मंत्री सुब्रत मुखर्जी से मुलाकात के बाद जयराम ने कहा कि ममता हमारी सहयोगी भले ही न हों, लेकिन उन्होंने जंगल महल की तस्वीर बदल दी है। नक्सल प्रभावित इलाकों में बदलाव के लिए जरूरी राजनीतिक साहस का परिचय उन्होंने दिया है।
जंगल महल में जो भी पिछले दो सालों में हुआ, वह उल्लेखनीय है। इसका श्रेय ममता को जाता है। जंगल महल इलाके के तहत पश्चिमी मिदनापुर, बांकुरा और पुरुलिया जिले आते हैं। पिछले सालों में पश्चिम बंगाल में यह इलाका नक्सलियों से सबसे ज्यादा प्रभावित था।
मालूम हो कि ममता की यूपीए सरकार पर ब्रेन डेड की टिप्पणी को लेकर जयराम ने उन पर निशाना साधा था। जयराम ने कहा था कि दिल्ली की ब्रेन डेड सरकार राज्यों के लोगों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील है।
रमेश की इस टिप्पणी को ममता ने असंवैधानिक बताया था। इससे पहले ममता ने यूपीए सरकार की तुलना एक मरीज से करते हुए कहा था कि वह ब्रेन डेड है और वेंटिलेटर पर है।