कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी लोगों में शुमार किए जाने वाले केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश को पार्टी के चुनाव वार रूम की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है।
अब यह जिम्मेदारी रणदीप सुरजेवाला को सौंपी गई है। वार रूम के नेतृत्व में यह बदलाव राहुल गांधी के इशारे पर किया गया है। इसकी वजह वार रूम की अति गोपनीय सूचनाओं का लीक होना बताया जा रहा है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष का जयराम पर भरोसा टूटने के पीछे कई कारण हैं। एक प्रमुख कारण जयराम का बड़बोलापन है।
ये हैं जयराम को हटाने के कारण
आरोप है कि जयराम ने वार रूम की कई ऐसी बातें लीक की है जो बहुत ही गोपनीय थीं। इसमें टिकट वितरण से संबंधित सूचनाओं के साथ ही पार्टी के घोषणापत्र का मीडिया में लीक होना प्रमुख है।
इसके अलावा चुनाव के संबंध में समय-समय पर बनाई जाने वाली रणनीति का सार्वजनिक होना भी जयराम को हटाने का एक प्रमुख कारण शामिल है।
पार्टी हलकों में भी कहा जा रहा है कि मीडिया में सुर्खियां बटोरने के चक्कर में जयराम ने कुछ ऐसी बातें भी सार्वजनिक कर दी, जिनकी जानकारी सिर्फ राहुल के खास लोगों तक ही सीमित थी।
बातें लीक होने से परेशान थे राहुल
जिन बातों के लीक होने की चर्चा है, वे बातें पार्टी की चुनावी रणनीति का हिस्सा थीं। इसलिए इनकी गोपनीयता का भंग होना किसी भी मायने में ठीक नहीं था। गोपनीय बातों के लीक होने से कांग्रेस उपाध्यक्ष भी खासे परेशान थे।
लिहाजा उन्होंने अपनी चुनाव टीम से जयराम की छुट्टी कर दी। अब जयराम सिर्फ केंद्रीय मंत्री रह गये हैं। अब राहुल ने चुनाव टीम की कमान रणदीप सुरजेवाला को सौंप दी है।
सुरजेवाला के नेतृत्व वाला वार रूम उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा समेत अन्य राज्यों की अति महत्वपूर्ण 160 सीटों पर खास नजर रख रहा है। इसमें अमेठी, रायबरेली, रोहतक, सासाराम सहित कई सीटें शामिल हैं।