केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश की ओर से मनरेगा के संबंध में लिखे गए पत्र से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बेहद खफा हैं। बनर्जी को आपत्ति पत्र की भाषा पर हैं और इसके लिए उन्होंने जयराम रमेश की तीखी आलोचना की है। पत्र में रमेश ने लिखा है कि ‘दिल्ली की ब्रेन डेड सरकार’ पश्चिम बंगाल की जनता की जरूरतों के प्रति संवेदनशील है।
रमेश के पत्र से नाराज तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा है कि केंद्रीय मंत्री ने इस पत्र में पूरी तरह से अनैतिक और असंवैधानिक भाषा का प्रयोग किया है। सीएम ने कहा है कि यह देखकर हैरान हूं कि कोई केंद्रीय मंत्री इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर सकता है। ममता ने इस पत्र को फेसबुक पेज पर शेयर करते हुए लोगों से राय भी मांगी है। उन्होंने कहा है कि इस पत्र से स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार राज्यों के प्रति कैसा रुख रखती है।
19 अक्तूबर को लिखे इस पत्र में केंद्रीय मंत्री ने बताया है कि मनरेगा के लिए केंद्र सरकार ने अब तक पश्चिम बंगाल को कितनी रकम दी है। लेकिन इस पत्र में राजनीतिक टिप्पणी करते हुए ममता के पुराने बयान पर व्यंग्य किया गया है। इसी बात को लेकर ममता तिलमिला गई हैं।
पत्र में जयराम ने बताया है कि केंद्र सरकार ने 2012-13 में मनरेगा पर अमल के लिए पश्चिम बंगाल को दी जाने वाली राशि की चौथी किश्त (601.2 करोड़ रुपये) जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार चारों किश्तों को मिलाकर पश्चिम बंगाल को अब तक 2655.2 करोड़ की राशि दे चुकी है और इससे यह स्पष्ट होता है कि ‘दिल्ली की ब्रेन डेड सरकार’ पश्चिम बंगाल की जनता का कितना ख्याल रखती है।