भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को सत्तावादी और अलोकतांत्रिक करार देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा है कि भाजपा नेता का शीर्ष कार्यकारी पद पर बैठना न केवल अल्पसंख्यकों बल्कि सही सोच रखने वाले सभी लोगों के लिए खतरनाक साबित होगा।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में जयराम ने कहा कि हालांकि मोदी अपने आप को लोकतांत्रिक और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तरह पेश कर रहे हैं लेकिन वह वाजपेयी नहीं हैं।
'वोट फॉर बीजेपी की जगह वोट फॉर मोदी'
जयराम रमेश ने कहा कि लोकसभा चुनाव प्रचार आगे बढ़ने के साथ ही मोदी की सही तस्वीर सामने आने लगी है। भाजपा अपनी पार्टी या एनडीए को प्रोजेक्ट करने की बजाय एक व्यक्ति के पीछे लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से व्यक्ति केंद्रित प्रचार हो गया है। लगता है कि भाजपा सभी सीटों पर चुनाव नहीं लड़ रही बल्कि एक व्यक्ति हर जगह से चुनाव लड़ रहा है। हर कोई मोदी के नाम पर वोट मांग रहा है।
रमेश ने कहा कि ऐसा वाजपेयी की दौर में भी नहीं हुआ था। यह व्यक्तिवादी राजनीति का परिचायक है जो किसी भी लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। यहां तक कि उनका नारा वोट फॉर बीजेपी की जगह वोट फॉर मोदी हो गया है।
क्या संविधान का पालन करेंगे मोदी?
उन्होंने कहा कि मोदी ने समय पर घोषणापत्र जारी करने की जरूरत भी नहीं समझी। ऐसी स्थिति में इसकी क्या गारंटी है कि वे संविधान का पालन करेंगे।
रमेश ने कहा कि जहां तक गुजरात के विकास को लेकर किए जा रहे दावे की बात है तो यह पता होना चाहिए कि गुजराती समाज पारंपरिक रूप से व्यापारी और उद्यमी रहा है। वहां पर सरकारी कंपनियों में आधारभूत संरचनाओं के विकास पर काफी धन निवेश किया है।
उन्होंने कहा कि मोदी के 10 साल के शासन को केवल सामाजिक सूचकांक पर राज्य के फिसड्डी होने के तौर पर याद किया जा सकता है। राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता की स्थिति बेहद खराब है। वहां पर लिंग अनुपात की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि यह कुछ नहीं बल्कि धन बल का एक नमूना है जिससे मोदी की सोच के बारे में पता चलता है।