राहुल गांधी की अगुवाई वाली पार्टी में 60 से अधिक उम्र के कांग्रेसियों को शायद ही कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिले। उन्हें सलाहकार की भूमिका तक सीमित रखा जा सकता है।
इस बात के संकेत खुद पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने दिए हैं। रमेश के अनुसार कांग्रेस उपाध्यक्ष इस समय अपनी टीम बनाने में व्यस्त हैं।
जब वह पार्टी अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालेंगे तो उनके साथ एक नई टीम होगी।पूर्व पर्यावरण मंत्री रमेश के मुताबिक पार्टी नेतृत्व में अगला बदलाव निश्चित रूप से पीढ़ियों का बदलाव होगा, जैसा कि इंदिरा गांधी के हत्या के बाद राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने पर हुआ था।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा कि हमें पार्टी में महत्वपूर्ण पदों पर 30 और 40 वय के लोगों को लेना चाहिए। 60, 70 और 80 की उम्र वालों का समय खत्म हो गया है।
भारत की औसत आयु 28 वर्ष है और यह पार्टी में झलकना चाहिए। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या 60 से अधिक उम्र के नेताओं को जबरदस्ती निकाले जाने से पहले खुद ही सम्मानजनक विदाई ले लेनी चाहिए तो उन्होंने कहा कि पार्टी में नए और पुरानों का मिश्रण होगा।