अफजल गुरु को फांसी पर लटकाए जाने के बाद शनिवार को कश्मीर घाटी में हिंसा भड़क गई, जिसमें कम से कम आठ लोग घायल हो गए। घायलों में दो की हालत गम्भीर हैं। अफजल की फांसी की खबर आने के बाद उत्तरी कश्मीर के सोपोर कस्बे के नजदीक स्थित उसके पैतृक गांव दोआबगाह में कुछ प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकाला।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने कर्फ्यू का उल्लंघन किया और सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की। सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। चेतावनी के लिए हवा में गोलियां चलाई गईं। शांति बरकरार रखने के लिए जम्मू-कश्मीर राजमार्ग को भी बंद कर दिया गया है।
दूसरी तरफ, अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस ने चार दिन का शोक घोषित किया है। इसने फांसी को राजनीतिक हत्या बताते हुए कहा है कि इसका भारत की कानून प्रणाली से कुछ लेना-देना नहीं है। हुर्रियत ने कहा कि अफजल को फांसी न्यायिक प्रक्रिया के तहत नहीं बल्कि आगामी चुनाव के मद्देनजर दी गई है।
इससे पूर्व आज सुबह अफजल गुरू को फांसी दिए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने केबल टीवी, मोबाइल और इंटरनेट सेवा को पूरी तरह से बंद कर दिया है। साथ ही श्रीनगर समेत वादी के विभिन्न इलाकों में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है।
सभी स्थानीय केबल ऑपरेटरों से त्वरित प्रभाव से सेवाएं रोक देने के लिए कहा गया है। साथ ही फेसबुक, ट्विटर और एसएमएस पर भी नजर रखी जा जा रही है।