महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष देवेंद्र फडनाविस की मनसे प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात को देखते प्रदेश में नए गठजोड़ की अटकलों के बीच बृहस्पतिवार को एनसीपी ने कहा कि कमजोर सहयोगियों को धोखा देना भाजपा की परंपरा है।
पार्टी ने कहा है कि भाजपा राजग के प्रमुख घटक दल शिवसेना का साथ छोड़ना चाहती है, क्योंकि वह पिछले काफी समय से बुरे दौर से गुजर रही है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने बुधवार को राज ठाकरे से उनके दादर स्थित आवास कृष्णकुंज जाकर मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या भाजपा महाराष्ट्र में महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के साथ गठबंधन करना चाहती है।
इस मुलाकात का जिक्र करते हुए एनसीपी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शिवसेना के दिन गिनती के हैं। भाजपा का इतिहास रहा है कि वह कमजोर सहयोगियों से पल्ला झाड़ लेती है।
मलिक ने कहा कि जब भाजपा को लगता है कि उसकी सहयोगी पार्टी कमजोर हो गई है तो वह उसका साथ छोड़ देती है तथा किसी और पार्टी से हाथ मिला लेती है।
भाजपा, शिवसेना और आरपीआई के महा गठजोड़ में राज ठाकरे को शामिल करने की मांग पर मलिक ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर राजग के होते हुए प्रदेश स्तर पर नए गठजोड़ का कोई औचित्य नहीं है।
महा गठजोड़ में राज ठाकरे को शामिल करने का शिवसेना ने विरोध किया है, जबकि आरपीआई के रामदास अठावले और भाजपा के गोपीनाथ मुंडे ने इस मुद्दे पर अपनी जुबान बंद कर रखी है। वैसे फडनाविस ने कहा है कि राज से उनकी मुलाकात राजनीतिक नहीं थी।
उधर, मलिक से जब यह पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी शिवसेना से तालमेल करने की योजना बना रही है तो उन्होंने कहा कि एनसीपी यूपीए के ही साथ रहेगी।