इसरो की अगले पांच साल के दौरान 58 अंतरिक्ष मिशनों को रवाना करने की योजना है। इसमें चंद्रमा और मंगल पर अंतरिक्षयान भेजना, देश पर चौबीसों घंटे नजर रखने वाले विशेष उपग्रह का प्रक्षेपण और 500 ट्रांसपोंडर तैनात करना है। इसके अलावा अंतरिक्ष एजेंसी का उद्देश्य ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम के लिए अपना वर्जन तैनात करना भी है। इसके लिए एजेंसी आर्बिट में सात उपग्रहों का एक समूह स्थापित करेगा, जोकि भारतीय रीजनल नेवीगेशन सेटेलाइट सिस्टम बनाएगा।
12वीं पंचवर्षीय योजना को पिछले ही हफ्ते कैबिनेट से मंजूरी मिली है। इसके अनुसार, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की योजना वर्तमान में तैनात 187 ट्रांसपोडर में 400 और ट्रांसपोडर जोड़ने की है, जिससे डीटीएच ऑपरेटरों, सेटेलाइट मोबाइल कम्युनिकेशन और नई पीढ़ी के ब्रांडबैंड वीसेट सिस्टम की बढ़ती जरूरतों को पूरा किया जा सके। 12वीं योजना में इसरो के लिए 39,750 करोड़ रुपये का परिव्यय रखा गया है।