आईएसआईएस ने एक नया वीडियो जारी किया है, जिसमें एक बच्चे को दो लोगों को मारते हुए दिखाया गया है। इन दोनों व्यक्तियों के जासूस होने का शक जताया जा रहा है।
इससे पहले जारी किए गए एक वीडियो में इस बच्चे की पहचान अब्दुल्लाह के रूप में दिखाई गई है। वीडियो में दोनों व्यक्ति घुटनों के बल बैठे हैं और बच्चा हाथ में पिस्तौल लिए हुए है।
वीडियो में दिखाया गया है कि बच्चा उन दोनों को पीछे की तरफ से सिर में गोली मार रहा है। इस वीडियो को बनाने में स्लोमोशन का भी इस्तेमाल किया गया है।
दोनों को गोली मारने के बाद बच्चा उन दोनों में से एक लाश पर खड़ा होकर दो बार और गोली चलाता है और फिर अपनी पिस्तौल को फिल्मी अंदाज में हवा में लहराता है।
'अपने बीच के दुश्मन को बेनकाब किया'
इस वीडियो का शीर्षक है 'अपने बीच के दुश्मन को बेनकाब किया' और इस वीडियो में कहा गया है, "दुश्मनों को लगता है कि वह आईएस को खत्म करने के लिए हमारे खिलाफ जासूस और एजेंट भेज सकते हैं, लेकिन अल्लाह ने उनके इरादों को बेनकाब कर दिया और उनकी योजना पर पानी फेर दिया।"
अभी यह प्रमाणित नहीं किया जा सका है कि आखिर यह वीडियो कितना सच्चा है, लेकिन किसी बच्चे से हत्या करवाने का वीडियो आईएसआईएस ने पहली बार जारी किया है। इस वीडियो की सत्यता पर कई सारे सवाल भी उठ रहे हैं, जिनके जवाब मिलना अभी बाकी है।
सच्चाई पर उठ रहे ये सवाल
गोली लगने पर भी खून या जख्म क्यों नहीं?
इस वीडियो में एक बच्चे को दो जासूसों को गोली मारते हुए दिखाया गया है, लेकिन वीडियो में खून का एक कतरा भी नहीं दिखा। आईएसआईएस को पूरी दुनिया में इसकी क्रूरता के लिए जाना जाता है, लेकिन यह वीडियो किसी क्रूरता को नहीं दिखाता।
थिएटर स्लोमोशन कैमरा क्यों?
इस वीडियो को स्लोमोशन कैमरे के जरिए फिल्माया गया है। अगर किसी को मारते हुए ही दिखाना था तो उसे इतना फिल्मी बनाने का क्या मकसद है। स्लोमोशन का इस तरह से इस्तेमाल भी इस वीडियो को बनाने के उद्देश्य पर सवाल खड़ा करता है।