पाकिस्तान एक बार फिर से पंजाब को आतंकवाद की आग में झोंकने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए वह यहां फिर से सिख उग्रवाद को जिंदा करने की कोशिशों में जुटा है।
पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई सिख युवकों को न केवल आतंकी ट्रेनिंग देने में जुटी है बल्कि अपने यहां जेल में बंद कैडरों, बेरोजगार युवकों, अपराधियों और तस्करों का भी इस्तेमाल कर रही है।
इनके जरिये पाकिस्तान आरडीएक्स और भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी पंजाब में पहुंचा चुका है।
आंतरिक सुरक्षा पर मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि पाकिस्तान की नजरें अब भी भारत के अन्य इलाकों में आतंकी कार्रवाई को अंजाम देने की है।
शिंदे ने कहा कि खासतौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब में उग्रवाद को एक बार फिर से जीवित करने की मुहिम पर काम कर रहा है। इसके लिए पाकिस्तान में शरण ले रखे सिख उग्रवाद से जुड़े कमांडरों पर दबाव डाला जा रहा है।
गृहमंत्री ने इसे भारत के लिए बड़ी चुनौती बताया और कहा कि आतंकी समूह अब अत्याधुनिक संचार साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। फोन की जगह सेटेलाइट ने ले ली है। सीमा पार वीओआईपी जैसे उपकरणों का इस्तेमाल करके सीमा के इस पार संचार स्थापित किए जा रहे हैं।
इस मुहिम के तहत धन जुटाने के लिए भारी मात्रा में नकली नोटों और नशे के सामान की तस्करी की जा रही है। नकली नोट बांग्लादेश, नेपाल और खाड़ी देशों से भारत लाए जा रहे हैं।
इस दौरान शिंदे ने यह भी बताया कि जम्मू कश्मीर में आतंकवादी हिंसा में भारी कमी आई है। शिंदे ने कहा कि बदली परिस्थितियों में आईएसआई इस राज्य में भी आतंकवाद को नए सिरे से बढ़ावा देने की रणनीति पर काम कर रहा है।