दुनिया में भारत को बदनाम करने के लिए पाकिस्तान की एक नापाक करतूत का खुलासा हुआ है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान की मानवाधिकार कार्यकर्ता अस्मां जहांगीर को भारत में जान से मारने की साजिश का पर्दाफाश किया है।
पूर्व एनएसए कॉंट्रैक्टर एडवर्ड स्नोडेन की तरफ से लीक किए दस्तावेज के मुताबिक पाकिस्तान के कुछ सुरक्षा अधिकारी आतंकियों के जरिए अस्मां को निशाना बनाने की तैयारी में थे।
पाकिस्तान की जानी मानी वकील जहांगीर देश के सुरक्षा महकमे एवं अधिकारियों की सबसे बड़ी आलोचक हैं।
वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक मई 2012 में अमेरिकी एजेंसियों को पता चला कि पाक अधिकारी जहांगीर के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
यह जानकारी टॉप सीक्रेट डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी की रिपोर्ट में दी गई।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इस साजिश में कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे।
पर इतना जरूर था कि वे आतंकियों या अपराधियों की मदद से अपने मंसूबों को कामयाब करने की योजना बना रह थे।
इस साजिश की जानकारी कुछ हफ्ते बाद ही मीडिया में आ गई थी, 4 जून, 2013 को अस्मां जहांगीर ने एक टेलीविजन चैनल को दिए साक्षात्कार में बताया कि उन्हें पता चला है कि पाक खुफिया अधिकारी उनकी हत्या कराना चाहते हैं।
अस्मां जहांगीर ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। खुफिया एजेंसी से संबंधित दस्तावेज भी उन्होंने उस समय उपलब्ध कराएं थे।
इससे पहले अस्मां जहांगीर पर कोर्ट परिसर में भी हमला किया गया था।
इस हमले में पकड़े गए दो लोगों में से एक के पास आईबी का कार्ड और दूसरे के पास से आईएसआई का पहचान पत्र मिला था।
मैग्सैसे अवॉर्ड विजेता अस्मां जहांगीर लगातार भारत और पाकिस्तान के बीच यात्रा करती रहती हैं।
पूर्व में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान ने भी भारत और पाकिस्तान की सरकारों से उनकी सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करने के लिए कहा था।