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CBI से मिली अमित शाह को 'संजीवनी'

Thu, 06 Feb 2014 08:42 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के करीबी अमित शाह को बड़ी राहत मिली है।
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इशरत जहां मुठभेड़ मामले में सीबीआई की अतिरिक्त चार्जशीट में अमित शाह का नाम नहीं है। इस चार्जशीट में सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राजेंद्र कुमार और अन्य तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है।
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इशरत जहां एनकाउंटर के समय अमित शाह गुजरात के गृह राज्य मंत्री थे और माना जा रहा था कि इस मामले में उनकी भी भूमिका है।

यहां तक कि गुजरात क्राइम ब्रांच के तत्कालीन डीसीपी डीजी वंजारा ने भी शाह की भागीदारी के संकेत दिए थे।

चार अधिकारी जेल में
इस मामले में गुजरात पुलिस के नौ अधिकारियों को पहले ही आरोपी बनाया जा चुका है। आईपीएस अधिकारी डी जी बंजारा सहित चार अधिकारी इसी आरोप में जेल में हैं।

वहीं इशरत मामले में अमित शाह को आरोपी बनाने या नहीं बनाए जाने को लेकर गृह मंत्रालय और सीबीआई के बीच खींचतान चली थी।

अमित शाह नरेंद्र मोदी के खासमखास माने जाते हैं। फिलहाल शाह भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रभारी हैं।

क्या है मामला
15 जून, 2004 को गुजरात पुलिस ने इशरत जहां, प्राणेश पिल्लई, अमजद अली तथा जीशान जौहर को एक मुठभेड़ में मार डाला था। राज्य के खुफिया विभाग ने दावा किया था कि ये चारों आतंकवादी हैं तथा मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने के इरादे से गुजरात आ रहे हैं।
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आईबी अफसरों पर ये धाराएं लगीं
आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), 364 और 368 (हत्या के इरादे से बंधक बनाना), आर्म्स एक्ट की धारा 3, 25(ए) और 29

आईपीएस भी हैं आरोपी
आईपीएस अफसर डीजी वंजारा, पीपी पांडे, गिरीश सिंघल, तरुण बरोत, एनके अमीन, जेजी परमार और अनाजु चौधरी को इस मामले में पहले ही आरोपी बनाया जा चुका है।
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