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आईएससी टॉपर भुवन्या ने बताए सफलता के राज

Sat, 18 May 2013 01:23 AM IST
देहरादून/आफताब अजमत
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देहरादून की सेंट जोजेफ्स एकेडमी से 98 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं करने के बाद 12वीं (आईएससी) की ऑल इंडिया टॉपर भुवन्या विजय 11वीं में साइंस नहीं लेना चाहती थी।
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उसकी इच्छा ह्यूमैनिटीज लेने की थी। लेकिन उसके स्कूल में यह विकल्प मौजूद नहीं था। अनमने तरीके से भुवन्या ने साइंस स्ट्रीम में दाखिला लिया।

जल्द ही फिजिक्स, कैमिस्ट्री और मैथ्स पर पकड़ बन गई और आज यह नाम देश के फलक पर छा गया।

रिजल्ट जारी होने के बाद स्कूल पहुंची भुवन्या शालीन लहजे में बताती है कि वह डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बनना चाहती थी। वह फिजिक्स और कैमिस्ट्री से बहुत बोर होती थी। उसका पसंदीदा विषय अंग्रेजी रहा है।

मां-बाप की इकलौती संतान भुवन्या के पिता उत्तराखंड कैडर के आईएफएस अधिकारी हैं। पिता को आदर्श मानने वाली भुवन्या ने हाल ही में क्लैट की परीक्षा दी है।

वह एनएलएसआईयू बैंगलोर से लॉ करने के बाद एनजीओ के माध्यम से लड़कियों के लिए कुछ करना चाहती है। भुवन्या की मां सुनीता विजय लैंडस्केप डिजाइनर हैं।

पहले भी किया नाम रोशन
देश में नाम रोशन करने का भुवन्या का यह कोई पहला मौका नहीं है। वर्ष 2011 और 2012 में भुवन्या ने अखिल भारतीय स्तर की फ्रैंक एंथनी वाद-विवाद प्रतियोगिता में श्रेष्ठ वक्ता का खिताब अपने नाम किया है।
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भुवन्या ने बेहद संजीदगी के साथ अपने स्कूल की हेड गर्ल की जिम्मेदारी निभाई है। वह कॉलेज मैगजीन की संपादिका भी है।

पढ़ाकू नहीं है टॉपर
भुवन्या का मानना है कि दिन-रात किताबें चाटने के बजाए उसने हमेशा संतुलित तरीके से पढ़ाई की।

मां के साथ बैठकर पसंदीदा ‘उतरन’ सीरियल देखने वाली भुवन्या जितनी देर भी पढ़ती थी, खूब मन लगाकर पढ़ती थी।

भुवन्या का मानना है कि किताबें चाटने के बजाए विषय को समझकर पढ़ें तो सफलता की राह आसान हो जाती है। वह रातभर की पढ़ाई में विश्वास नहीं रखती।

टॉपर की मार्कशीट
इंगलिश- 98
मैथ्स - 99
फिजिक्स -99
कैमिस्ट्री-98
कंप्यूटर साइंस-100
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