अजय माकन को दिल्ली चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख बनाए जाने के बाद कांग्रेस के भीतर का कलह थमने का नाम नहीं ले रहा।
पार्टी के प्रति जनता में ‘नाराजगी’ के साथ प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी उसकी संभावनाओं को मिट्टी में मिला रही है। ऊपर से राहुल गांधी के फैसलों को लेकर पार्टी में अंदरखाने असंतोष बढ़ रहा है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष की ओर से माकन को पार्टी का चेहरा बनाने से दिल्ली कांग्रेस के दूसरे चेहरे चुनावी मैदान में अप्रासंगिक हो गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के अलावा उनके बेटे संदीप दीक्षित, कपिल सिब्बल, सज्जन कुमार, रमेश कुमार, जगदीश टाइटलर समेत कई नेताओं को चुनावी जिम्मेदारियों से दूर रखा गया है।
यही नहीं दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित दिल्ली प्रदेश कांग्रेस का कार्यालय भी चुनावी मौसम में महत्वहीन हो गया है। माकन चुनाव अभियान से जुड़ा सारा कामकाज 24 अकबर रोड के कांग्रेस मुख्यालय से चला रहे हैं।