राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा ने 2014 लोकसभा चुनावों के लिए नारा दिया है- 'सुशासन संकल्प-भाजपा विकल्प'। हालांकि भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह की नई टीम के संभावित चेहरों से जो तस्वीर उभर रही है, वह सुशासन की ओर न जाकर हिंदुत्व की ओर लौटती दिख रही है।
संभावना है कि राजनाथ सिंह की नई टीम में कई ऐसे चेहरों को जगह दी जा सकती है, जिनकी छवि 'हिंदुत्ववादी' है। इनमें प्रमुख रूप से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, उमा भारती, अमित शाह, मुरली धर राव और वरुण गांधी शामिल हैं।
मोदी की होगी अहम भूमिका
2013 के अंत में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके मद्देनजर राजनाथ एक ऐसी टीम तैयार करने की कोशिश में हैं, जो पार्टी के सुशासन के दावे का प्रचार तो करे ही, हिंदुत्व की छवि गढ़ने में भी मदद करे।
इस लिहाज से भाजपा अध्यक्ष की नई टीम में नरेंद्र मोदी की भूमिका सर्वाधिक अहम होने की संभावना है।
हालांकि भाजपा पार्लियामेंट्री बोर्ड में मुख्यमंत्री के रूप में केवल नरेंद्र मोदी को ही शामिल किया जा सकता है, जबकि पहले कहा जा रहा था कि पार्लियामेंट्री बोर्ड में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी जगह दी जा सकती है।
वरुण गांधी को भी जगह
राजनाथ की टीम में फायरब्रांड लीडर वरुण गांधी को भी शामिल किया जा सकता है। इन्हें हाल ही में भड़काऊ भाषण देने के दो मामलों से बरी किया गया है।
वरुण गांधी के जरिए राजनाथ सिंह एक साथ कई निशाने साधना चाह रहे हैं। वरुण एक तरफ राहुल गांधी की काट साबित हो सकते हैं, तो दूसरी ओर गांधी परिवार के सदस्य के जरिए भाजपा सांप्रदायिक पार्टी होने के आरोपों का जवाब भी देना चाहती है।
उमा भारती, मुरली धर भी होंगे
राजनाथ की टीम में उमा भारती और मुरलीधर राव भी शामिल किए जा सकते हैं। उमा के जरिए राजनाथ हिंदुत्व की छवि तो गढ़ना ही चाह रहे हैं, सोशल इंजीनियरिंग का कार्ड भी खेलना चाहते हैं।
साथ ही मुरलीधर राव के जरिए राजनाथ स्वदेसी जागरण के एजेंडे को एक बार फिर मजबूत करना चाह रहे हैं। टीम में अमित शाह की भी एंट्री हो रही है। संभवतः अमित शाह को दिल्ली बुलाकर राजनाथ यह संकेत देना चाह रहे हैं कि मोदी गुजरात से अकेले नहीं आ रहे।