क्या भारतीय जनता पार्टी देश में अपनी बिगड़ती छवि से चिंतित है या फिर दूसरे देशों में मोदी सरकार की धूमिल होती तस्वीर ने उसे परेशान किया है। या फिर यह, जैसा कि लोग अनुमान लगा रहे थे, बिहार चुनाव में गड़बड़ाते समीकरणों का मामला था।
घटनाक्रम और राजनीतिक टीकाकारों की राय तो यह बताती है कि मामला विदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की छवि का ही है। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष ने चार दिन पहले अपने बयानवीर नेताओं की बैठक बुलाकर सख़्त चेतावनी दी.। ख़बरों के अनुसार उन्हें ऐसा करने की हिदायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मिली थी.।
हालांकि इस बारे में पार्टी की ओर से कोई अधिकृत खबर नहीं दी गई लेकिन सूत्रों के हवाले से यह खबर हर अखबार में प्रकाशित हुई। जाहिर है कि इसका उद्देश्य यह संदेश देना था कि सरकार और पार्टी इसे लेकर चिंतित है।
खबरों के अनुसार जिन नेताओं से अमित शाह ने बातचीत की उनमें हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री संजीव बालयान, सासंद साक्षी महाराज और उत्तर प्रदेश के विधायक संगीत सोम शामिल हैं। हालांकि एक और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा बैठक में नहीं थे लेकिन उन्हें भी यह चेतावनी दी गई है। खबरों के अनुसार पार्टी अध्यक्ष ने इन नेताओं से कहा था कि इस तरह के बयानों से विदेशों से आने वाले निवेश पर नाकारात्मक असर पड़ता है और विकास के कार्यों से ध्यान भटकता है।