देश के पुलिस महकमे को अपनी जनविरोधी इमेज कचोटने लगी है। इसके साथ ही करीब 80 फीसदी आईपीएस अधिकारी और निचले स्तर के कर्मी अपने राजनीतिक इस्तेमाल की परंपरा से आजिज आ चुके हैं।
यही वजह है कि देश के आईपीएस अधिकारियों की पंजीकृत संस्था इंडियन पुलिस सर्विस एसोसिएशन (आईपीएसए) ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को ज्ञापन दे कर मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की पेशकश की है।
देश के सभी आईपीएस अधिकारी इस संस्था के सदस्य हैं। इस महकमे ने पिछले साल भर से भीतरी बदलाव की मुहिम छेड़ रखी है। आईपीएसए ने वेतन आयोग से भी सिफारिश की है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की तुलना में उनके साथ भेदभाव न किया जाए।
साथ ही इंस्पेक्टर स्तर के नीचे के कर्मियों के काम के हालात और तनख्वाह से जुड़ी शिकायतों को भी जल्द से जल्द दूर करने के लिए उपाय निकालने को कहा गया है।