प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनावों में 1984 के दंगों पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। सोमवार को बिहार में एक चुनावी रैली में उन्होंने कहा कि 1984 के दंगों के बाद कांग्रेस को असहनशीलता पर शिक्षा देने की अधिकार नहीं है।
प्रधानमंत्री ने कहा, 'इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद, दिल्ली में सिखों का संहार हुआ था। दंगा पीड़ित परिवारों को आज तक न्याय भी नहीं मिल पाया।' 1984 के दंगों का उल्लेख प्रधानमंत्री ने पहली बार नहीं किया है। पिछले वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उन्होंने कहा था कि 1984 में हमारे ही लोगों की हत्या हुई थी। किसी एक समुदाय पर हमला नहीं किया गया था, बल्कि पूरे देश पर हमला किया गया। मोदी ने कहा कि था कि 1984 के दंगे ऐसे थे, जैसे किसी ने देश सीने में छुरा भोंक दिया हो।
31 अक्टूबर को ही इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि होती है, 1984 में इसी दिन उनकी हत्या कर दी गई थी। उल्लेखनीय है कि दादरी में गोमांस के शक में हुई अखलाक की हत्या के बाद से ही कांग्रेस मुल्क में बढ़ रह ही असहिष्णुता के सवाल पर मुखर होकर सरकार का विरोध कर रही है।