मुख्य निर्वाचन आयुक्त एचएस ब्रह्मा ने शुक्रवार को कहा कि आने वाले समय में इंटरनेट के जरिए वोटिंग एक संभावना बन सकती है और इस दिशा में पहला कदम मतदाता सूची को पूरी तरह से त्रुटि मुक्त बनाना है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताई।
ब्रह्मा ने कहा कि युवा मतदाताओं को लगता है कि इंटरनेट वोटिंग से समय, संसाधन और ऊर्जा की बचत हो सकती है, लेकिन इसके लिए आयोग को धन, आधारभूत संरचना और कुछ प्रशिक्षण की जरूरत होगी। भारत में निश्चित तौर पर ऐसा हो सकता है।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन में ब्रह्मा ने कहा कि जब वह दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट डालने के लिए लाइन में खड़े थे तब उनके सामने पांच युवा मतदाता थे, जो कह रहे थे कि वोट डालने में कुछ सेकेंड लगता है लेकिन इसके लिए लाइन में दो घंटे तक खड़ा रहना एक मुश्किल काम है।
हालांकि, कानून मंत्री सदानंद गौड़ा ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा है कि इंटरनेट वोटिंग शुरू करने की कोई योजना नहीं है। आयोग तीन मार्च से 15 अगस्त तक राष्ट्रीय मतदाता पहचान पत्र के शुद्धीकरण और सत्यापन के लिए कार्यक्रम चलाने जा रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान आयोग मतदाता फोटो पहचान पत्र को आधार नंबर से जोड़ेगा, जिससे कि एक ही व्यक्ति को दोबारा पहचान पत्र जारी न हो सके।